सेवा संकल्प अभियान:सोंढुर नदी के तट पर रिवर कैंपिंग से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल
घीकुडिय़ा में लोकसंस्कृति, पक्षी अवलोकन और कमार जनजाति की पारंपरिक ज्ञान-परंपरा से रूबरू हुए प्रतिभागी


धमतरी। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत धमतरी जिले के ग्राम घीकुडिय़ा में 14 अक्टूबर को सोंढुर नदी के किनारे रिवर कैंपिंग एवं ग्रामीण पर्यटन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राकृतिक सौंदर्य, विस्तृत रेतीले तट और समृद्ध ग्रामीण संस्कृति के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं, युवतियों, बच्चों, बुजुर्गों और पर्यटन विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय समुदाय को पर्यटन गतिविधियों से जोडऩा, ग्रामीण सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करना तथा पर्यटन के माध्यम से आजीविका के नए अवसरों की संभावनाओं को तलाशना था। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों के साथ स्थानीय लोकसंस्कृति, पारंपरिक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पर्यटन में उनके उपयोग पर चर्चा की गई। गांव में प्रचलित ददरिया, राउत नाचा, बाँसगीत, मानस पाठ और अन्य लोकविधाओं को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। रिवर कैंपिंग के अंतर्गत सोंढुर नदी के रेतीले तट पर टेंट लगाए गए, जहां प्रतिभागियों ने रात्रि विश्राम किया। खुले आकाश के नीचे नदी किनारे कैंपिंग का अनुभव कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। महिलाओं की आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर संवाद हुआ। कैंपिंग के अगले दिन सुबह प्रतिभागियों ने सोंढुर नदी के आसपास पक्षी अवलोकन (बर्ड वॉचिंग) की गतिविधि में भाग लिया। नदी तट और आसपास के प्राकृतिक परिवेश में पक्षियों की गतिविधियों को देखने का अवसर मिला। इस दौरान कमार जनजाति की पारंपरिक मत्स्य आखेट पद्धति से परिचय कराया गया।

