हाईवा के कुचलने से तीन जंगली सूअरों की मौत
परसुली गांव में दर्दनाक हादसा, रात में तेज रफ्तार से दौड़ते हाईवा वन्यजीवों के लिए बन रहे खतरा

धमतरी। धमतरी वन परिक्षेत्र के ग्राम परसुली में रेत से भरे हाईवा की चपेट में आने से तीन जंगली सूअरों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना रात की बताई जा रही है। सुबह जब ग्रामीणों ने सड़क और खेत के आसपास मृत जंगली सूअरों को देखा, तो इसकी जानकारी सामने आई। वन्यजीवों की इस तरह हुई मौत से क्षेत्र के लोगों में दुख और नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार, हादसे में दो जंगली सूअरों की मौत सड़क पर ही हो गई, जबकि एक अन्य सूअर घायल होने के बाद खेत में जा पहुंचा। बाद में वह भी मृत अवस्था में मिला। आशंका जताई जा रही है कि रेत से भरे हाईवा ने तीनों जंगली सूअरों को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, घटना को अंजाम देने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान होना अभी बाकी है।
रात में दौड़ते हाईवा से वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल
क्षेत्र में संचालित रेत खदानों से रात के समय बड़ी संख्या में हाईवा निकलते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, रात में तेज रफ्तार और लापरवाही से चलने वाले भारी वाहनों के कारण सड़क पर हादसों का खतरा बना रहता है। इससे न केवल वन्यजीवों की जान जोखिम में पड़ रही है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी और गति नियंत्रण जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। तीन जंगली सूअरों की मौत ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और रात में भारी वाहनों के संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन विभाग जुटा कार्रवाई में
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग आगे की कार्रवाई में जुट गया है। खेत में मृत पाए गए जंगली सूअर का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार तीनों वन्यजीवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, घटना में शामिल हाईवा और उसके चालक का पता लगाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
अब देखना होगा कि वन विभाग की जांच में हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन की पहचान हो पाती है या नहीं। साथ ही, रात में रेत खदानों से निकलने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाने से ऐसे हादसों को रोकने में कितनी मदद मिलती है।
