कुरूद दशहरा महोत्सव में नशामुक्ति का लिया गया संकल्प
विधायक अजय चन्द्राकर ने युवा पीढ़ी को सही दिशा देने का संदेश दिया

कुरूद। कुरूद नगर दशहरा महोत्सव में पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर ने युवाओं को नशे से बचाने, समाज की सामूहिक जिम्मेदारी और उनके बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने पर जोर दिया। विजयादशमी का संदेश केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है। यह बुराई पर अच्छाई, अन्याय पर न्याय और अनैतिकता पर नैतिक साहस की विजय का प्रतीक है। इसी भावना को सामाजिक जीवन से जोड़ते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण की आवश्यकता महत्वपूर्ण हो जाती है। युवाओं को नशे से बचाना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है। पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा और महाराष्ट्र के गणेशोत्सव की तरह कुरूद का दशहरा महोत्सव भी सामाजिक चेतना और जनभागीदारी का माध्यम बन सकता है। स्थानीय जरूरतों से जुड़े विषयों को उत्सव के साथ जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल की जा सकती है। नशामुक्ति को प्राथमिकता देते हुए युवाओं की भागीदारी, जनजागरूकता अभियान और सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, तो दशहरा महोत्सव का सामाजिक महत्व और व्यापक हो सकता है।