लगातार एमआईसी सदस्यों को पद से हटाना महापौर की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान- दीपक सोनकर
नेता प्रतिपक्ष ने कहा,निगम चलाने में नाकामी का ठीकरा दूसरों पर नहीं फोड़ें महापौर

धमतरी। निगम नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर नगर निगम धमतरी में महापौर द्वारा लगातार (मेयर-इन-काउंसिल) सदस्यों को पद से हटाए जाने की घटनाएं निगम की कार्यप्रणाली और नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बन रही हैं कि महापौर को बार-बार अपनी ही एमआईसी में बदलाव करना पड़ रहा है? क्या महापौर निगम को सुचारू रूप से चलाने में सक्षम नहीं हैं, या फिर निगम के भीतर आपसी समन्वय का पूरी तरह अभाव है?
नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने कहा कि महापौर का काम केवल पदों पर नियुक्तियां करना और सदस्यों को हटाना नहीं, बल्कि सभी जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर शहर के विकास को गति देना है। लगातार एमआईसी सदस्यों को हटाने की नौबत आना महापौर की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। यदि निगम में सब कुछ ठीक चल रहा है, तो बार-बार ऐसे फैसले लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
धमतरी की जनता ने शहर के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों को चुना है, न कि निगम को आपसी खींचतान और पदों की उठापटक का केंद्र बनाने के लिए। आज शहर की जनता सड़क, नाली, सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान की उम्मीद कर रही है। ऐसे समय में निगम की एमआईसी में बार-बार बदलाव होना जनता के बीच कई सवाल खड़े करता है.यदि महापौर अपनी ही टीम के साथ बेहतर समन्वय स्थापित नहीं कर पा रही हैं, तो शहर के विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी कैसे निभाई जाएगी? निगम की व्यवस्था किसी एक व्यक्ति की मनमर्जी से नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी, पारदर्शिता और जनहित के आधार पर चलनी चाहिए।
दीपक सोनकर ने कहा कि धमतरी की जनता को पदों की राजनीति नहीं, विकास चाहिए। महापौर को बार-बार एमआईसी सदस्यों को हटाने के बजाय शहर की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। महापौर को जनता के सामने जवाब देना चाहिए कि निगम में बार-बार ऐसे हालात क्यों बन रहे हैं और इसका शहर के विकास पर असर पड़ रहा है।
जनता का जानना चाहती है—आखिर कब तक चलेगी पदों की उठापटक और कब शुरू होगा विकास पर जवाबदेही का दौर?