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नहर में छलांग लगाकर बच्चे दे रहे हादसे को आमंत्रण, पूर्व में कई बच्चों की डूबने से हो चुकी है मौत

रुद्री बैराज, नहरों के आसपास नहीं है कोई निगरानी, रोजाना बच्चें नहाते है नहर में

धमतरी। नहर में पानी छोड़ा जा रहा है। इस पानी का बच्चें लुफ्त उठाने रोजाना पहुंच जाते है। इस दौरान पुराने हादसों को देखते हुए हमेशा किसी प्रकार की अनहोनी की आंशका बनी रहती है। उल्लेखनीय है कि रुद्री बैराज से पानी नहर में छोड़ा जा रहा है। नहर से पानी निकलने के गेट के पास ही बच्चें रोजाना नहाते है। हालांकि अभी पानी की धार ज्यादा तेज नहीं है। फिर भी यहां नहाते हुए बच्चों के डूबने का खतरा रहता है। रोजाना दर्जनों बच्चें रुद्री नहर के साथ ही अन्य नहरों में भी नहाते है। इस दौरान वे पानी में उछल कूद करते हुए काफी समय तक मस्ती में बिताते है। विडम्बना है कि अन्य नहरो में तो हर जगह निगरानी संभव नहीं है। लेकिन रुद्री बांध में शासकीय कार्यालय के सामने ही नहर में रोजाना बच्चें नहाते है। उन्हें भी कोई रोकने टोकने वाला नहीं है। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। बता दे कि नहर में नहाने वाले बच्चें में 6 साल से लेकर युवा तक शामिल है। ऐसे में जरा भी लापरवाही से बात जान पर आ सकती है।


दो बच्चियों व एक 9वीं के छात्र की हो चुकी है डूबने से मौत
कुछ समय पूर्व ही रुद्री नहर में चार दोस्त परीक्षा खत्म होने पर नहाने गये थे। जिसमें एक बच्चा नहर के तेज बहाव में बह गया। जिससे पानी में डूबकर मराठापारा क्षेत्र के एक 9वीं के छात्र की मौत हो गई थी। इसी प्रकार ग्राम पीपरछेड़ी में दो 12 वर्षीय बच्चियां गांव में स्थित छोटे से बांध में नहाने गई थी। इस दौरान गहरे पानी में चले जाने के कारण दोनो बच्चियों की मौत हो गई थी। ऐसे कई हादसे पहले भी हो चुके है। लेकिन सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किये गये है। यहां तक कि सुरक्षात्मक चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। पूर्व में हुए सभी हादसों से मौके पर तत्काल मद्द नहीं मिलने से मौत हुई है। ऐसे ही स्थिति नहर में नहाने के दौरान रहती है। इसलिए परिजनों को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए कि उनके बच्चे नहाने बिना किसी देखरेख के नदी तालाब नहर में न जाये।
संबंधित विभाग को बच्चों के नहर में नहाने पर रोक लगाने दिये गये निर्देश, स्कूलो में बच्चों को किया जाएगा जागरुक- एसपी आंजनेय वाष्र्णेय
एसपी आंजनेय वाष्र्णेय ने चर्चा के दौरान कहा कि संबंधित विभाग को नहर में बच्चों के नहाने पर रोक लगाने के निर्देश दिये गये है। शक्ति टीम व पेट्रोलिंग पार्टियां भी इस ओर ध्यान देती है वहीं होम गार्ड व एसडीआरएफ के गोताखोर को तैनात व तैयार रखा जाता है। ताकि किसी प्रकार की ऐसी अप्रिय स्थिति आने पर तत्काल गोताखोरो की मद्द से डूबने से बचाया जा सकें। वहीं चलित थाना, स्कूलो में पुलिस कैंप आदि के माध्यम से जिस प्रकार ट्रैफिक नियमों व अन्य अपराधों के प्रति बच्चों को जागरुक किया जाता है उसी प्रकार नदी, तालाब, नहर, तेज बहाव व गहरे पानी में जाने से रोकने जागरुक किया जायेगा। साथ ही स्कूल प्रंबधन को भी इस ओर बच्चों व पालकों को समझाईश देने कहा जाएगा।

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