एकलव्य विद्यालय आत्महत्या प्रकरण को लेकर आदिवासी समाज में आक्रोश: धमतरी में चक्काजाम, दोषियों पर कार्यवाही की मांग

धमतरी।जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह में कक्षा 12वीं के छात्र द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की दर्दनाक घटना ने पूरे आदिवासी समाज को झकझोर दिया है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज, जिला धमतरी ने कुकरेल चौक (स्टेट हाइवे) पर चक्काजाम कर अपना तीव्र विरोध दर्ज कराया और विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष जीवराखन मरई ने कहा कि पूर्व में भी विद्यालय में छात्रों के साथ प्रताड़ना की शिकायतें हुई थीं। जांच समिति का गठन भी किया गया था, लेकिन एक भी शिकायत पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। अब इतनी बड़ी घटना का होना यह स्पष्ट संकेत देता है कि विद्यालय प्रबंधन विद्यार्थियों पर अत्याचार और मानसिक दबाव बना रहा है। बाहरी लोगों की नियुक्ति के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। आदिवासी विद्यालयों में नियुक्तियाँ आदिवासी वर्ग से होना आवश्यक था, लेकिन इस नियम की निरंतर अनदेखी की जा रही है।सर्व आदिवासी समाज के धमतरी तहसील अध्यक्ष जयपाल ठाकुर ने कहा यह आदिवासी क्षेत्र है और एकलव्य स्कूल में आदिवासी बच्चे पढ़ते हैं, जिनकी देखरेख शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर शासन अपना काम जिम्मेदारी से नहीं करेगा, तो समाज चुप नहीं बैठेगा.चक्काजाम में समाज के पदाधिकारी, महिला प्रभाग, युवा प्रभाग एवं बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। इस दौरान मृत छात्र के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई और न्याय की मांग को लेकर जोरदार नारे लगाए गए।समाज की प्रमुख मांगें:इस प्रकरण की उच्चस्तरीय मजिस्ट्रियल जांच कराई जाए।विद्यालय के प्राचार्य, वार्डन एवं संबंधित शिक्षकों को तत्काल निलंबित किया जाए। मृत छात्र के परिवार को 25 लाख की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए। विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य हेतु स्थायी निगरानी समिति गठित की जाए।एकलव्य विद्यालयों में स्थानीय आदिवासी युवाओं की नियुक्ति को प्राथमिकता दी जाए।आंदोलन के दौरान समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर जांच शुरू नहीं की गई और जिम्मेदारों पर कार्यवाही नहीं हुई, तो समाज व्यापक आंदोलन करेगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि शिक्षा के नाम पर हो रहे अत्याचारों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी।एसडीएम प्रीति दुर्गम ने ज्ञापन लिया। एसडीओपी यशकिरण ध्रुव,टीआई टुमन लाल डड़सेना सहित पुलिस बल की मौजदूगी रही.आंदोलन में प्रमुख रूप से जीवराखन मरई, जयपाल सिंह ठाकुर, महेश रावटे, विमल नेताम, गजानंद मरकाम, अश्वनी ठाकुर, कृष्णा ठाकुर, सुर्या नेताम, कमलनारायण ध्रुव, ओंकार नेताम, सजल नाग, विनोद मरकाम, राजकुमार मंडावी, नरेश मरकाम, बिसु राम मरकाम, सखाराम नेताम, संतुराम ओटी, भगवान सिंह नेताम, श्रवण नेताम, नीलू छैदेया, चन्द्रकला नेताम, चन्द्रकिरण नेताम, चमेली नेताम, माधुरी रावटे, भूमिका कोर्राम, रमि गौतम, प्रेमलता नेताम, दीपिका ध्रुव, नगीना नेताम, कुमारी ध्रुव, सोहाद्रा नेताम, दुर्गेश ध्रुव, सत्यवान पडोटी, खिलेन्द्र पडोटी, अर्जुन मंडावी, खिलेश नेताम, नेकु परते, दिपेश जुर्री, रामेश्वर मरकाम, बंटी मरकाम, सखाराम टेकाम, हरिशंकर मरकाम, दिग्विजय सिंह ध्रुव, युवराज मरकाम, हेमन्त ध्रुव, प्रदुम्न नेताम सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे।