कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फसल चक्र परिवर्तन तथा फसल विविधकरण को प्रोत्साहित कर विषमुक्त उन्नत खेती को दिया जा रहा बढ़ावा
जिले में सिंचाई साधनों के कारण सर्वाधिक रकबे में ली जाती है धान की फसल, अब फसल चक्र परिवर्तन को दिया जा रहा बढ़ावा
चना, सरसो, मूंगफली, मक्का, मिलेट्स आदि का बढ़ा रकबा
नैनो टेक्नोलॉजी के उपयोग से ड्रोन से किया जा रहा कीटनाशक का छिड़काव

धमतरी। कृषि में कृत्रिम बुद्धिमता एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) एवं फसल चक्र परिवर्तन तथा फसल विविधिकरण को प्रोत्साहित कर विषमुक्त उन्नत खेती को जिले में बढावा दिया जा रहा है। जिला धमतरी में सुनिश्चित सिंचाई साधन होने के कारण सर्वाधिक रकबे में धान की फसल ली जाती है, इसलिए इसे धनहा धमतरी कहते है, किन्तु निरन्तर भू-जल दोहन के कारण फसल चक्र परिवर्तन की महती आवश्यकता है। जिले में फसल चक्र परिवर्तन अंतर्गत दलहनी, तिलहनी तथा लघु धान्य फसलों को बढ़ावा देने हेतु सतत् प्रयास किया जा रहा है। जिले में चना फसल का क्षेत्राच्छादन गत वर्ष रकबा 15083 हेक्टे. था, जिसे बढ़ाकर इस वर्ष रकबा 18179 हेक्टे. कर लिया गया है। इसी प्रकार सरसों गत वर्ष रकबा 2559 हेक्टे. में लगायी गई थी, जिसे दोगुना रकबा 5205 हेक्टे. में आच्छादित किया गया है। जिले में इस वर्ष पहली बार मूंगफली की खेती विकासखंड मगरलोड के बुढ़ेनी, चंद्रसुर क्लस्टर में 283 हेक्टे. रकबे में की जा रही है। मक्का की खेती जिले में गत वर्ष 430 हेक्टे. रकबे में लगाया गया था, जिसे बढ़ाकर दोगुना करते हुए 1000 हेक्टे. से अधिक रकबे में लगायी जा चुकी है। फसल चक्र परिवर्तन अन्तर्गत गतवर्ष की तुलना में दलहनी फसलों का रकबा 21850 हेक्टे. से बढ़ाकर 31500 हेक्टे. रकबे का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी पूर्ति 36723 हेक्टे. रकबे तक कर ली गई है। गत वर्ष तिलहनी फसलों का रकबा 2670 हेक्टे. रकबे में आच्छादित था, जिसके स्थान पर इस वर्ष 5726 हेक्टे. रकबे में कर लिया गया है। कृषि में कृत्रिम बुद्धिमता एवं ड्रोन का उपयोग फसल विविधिकरण, फसल चक्र परिवर्तन तथा जल संरक्षण के महत्व को दृष्टिगत रखते हुए फसल चक्र परिवर्तन में धान के बदले अन्य फसल दलहन, तिलहन, लघुधान्य फसलों के महत्व को झांकी के माध्यम से प्रस्तुत करना है। कृषि क्षेत्र में नैनो टेक्नालॉजी अन्तर्गत ड्रोन का उपयोग कर कीटनाशक एवं तरल उर्वरक नैनों युरिया एवं डी.ए.पी. का छिड़काव किया जा रहा है।
पहली बार लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से खेती
मिलेट का क्षेत्र विस्तार एवं उत्पादन बढ़ाने के लिये 500 हे. रकबे में की जा रही है, विकासखण्ड धमतरी के ग्राम-डांगीमाचा में प्रथम बार लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से रागी, मक्का, चना एवं अन्य फसलों की खेती की जा रही है। वृहद रूप से मिलेट्स जागरूकता अभियान आयोजित कर विषमुक्त भोजन उत्पादन हेतु प्रेरित की जा रही है।
स्मार्ट एग्रीकल्चर की ओर बढ़ता सकरात्मक पहल
कृषि में कृत्रिम बुद्धिमता एआई के उपयोग किये जाने हेतु वि.ख.-कुरूद के 20 ग्रामों का चयन कर क्रियान्वित किया जा रहा है, जो कि मौसम पूर्वानुमान एवं वैज्ञानिक सलाह की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। कृत्रिम बुद्धिमता के माध्यम से जोखिम में कमी करते हुए उत्पादन एवं में बढ़ोत्तरी करना है। यह छ.ग. प्रदेश में प्रथम बार की जा रही है, जो जिले के लिए स्मार्ट एग्रीकल्चर की ओर बढ़ता सकरात्मक पहल की जा रही है, जिससे कृषक आत्म निर्भर होगें तथा समृद्धि गावं के साथ-साथ डिजिटल भारत के लक्ष्य को साकार होंगे।

