कलेक्टर ने ली क्लस्टर सीएलएफ की बैठक, जिले में महिला स्वावलंबन एवं रोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

धमतरी 10 फरवरी 2026/-कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के क्लस्टर स्तरीय सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) की बैठक लेकर स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित आजीविका एवं रोजगार आधारित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिले में किए जा रहे विभिन्न नवाचारपूर्ण कार्यों, प्रगति की स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कलेक्टर को अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगारोन्मुखी गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। स्कूटी दीदी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को गतिशीलता प्रदान कर बैंकिंग, बीमा, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित विभिन्न सेवाओं की डोर-टू-डोर पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ-साथ सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति भी संभव हुई है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेन्द्र ठाकुर सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे ।
बैठक में रेशम उत्पादन, औषधीय खेती, बकरी पालन, मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन, मखाना एवं अन्य कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों की प्रगति की जानकारी दी गई। बताया गया कि जिले में औषधीय खेती को बढ़ावा देने हेतु किसानों एवं महिला समूहों को तकनीकी प्रशिक्षण, बीज एवं विपणन से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। बकरी पालन एवं पशुपालन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की अतिरिक्त आय सुनिश्चित की जा रही है।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी सीएलएफ को निर्देशित किया कि वे अपनी कार्ययोजना को स्पष्ट लक्ष्य के साथ क्रियान्वित करें तथा प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समूह आधारित उद्यमों को बाजार से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि उत्पादों का उचित मूल्य मिले और रोजगार के स्थायी अवसर सृजित हों। उन्होंने बैंक लिंकेज, क्रेडिट सपोर्ट, कौशल उन्नयन एवं ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में महिलाओं के नेतृत्व में छोटे-छोटे उद्यम स्थापित हो रहे हैं, जिससे न केवल आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है बल्कि सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।


