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शिक्षकों का सम्मान कर नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति हरख जैन ने कहा,गुरु ज्ञान के साथ संस्कार और जीवन की सही दिशा देते हैं

भारतीय संस्कृति विद्यालय में शिक्षक दिवस सम्मान समारोह

भखारा। भारतीय संस्कृति विद्यालय में शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में नगर पंचायत भखारा-भठेली की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति हरख जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर पार्षद छबीलाल निर्मलकर, वीरेंद्र साहू, वरिष्ठ शिक्षाविद एवं स्कूल संचालक जितेंद्र कुमार साहू, प्रधान पाठिका गोमती साहू सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों एवं शिक्षकों का सम्मान किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थितजनों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति हरख जैन ने विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान करते हुए शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि गुरु केवल किताबी ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और जीवन की सही दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने का कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन शिक्षक उसे ज्ञान, संस्कार और समाज में आगे बढ़ने की दृष्टि प्रदान करते हैं। शिक्षक का मार्गदर्शन विद्यार्थी के पूरे जीवन पर प्रभाव डालता है। इसलिए गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता हमारी भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा रही है।
ज्योति हरख जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें, उनकी सीख को जीवन में उतारें और मेहनत, अनुशासन एवं संस्कार के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के समाज और राष्ट्र का निर्माण करेंगे, इसलिए शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और जिम्मेदारी की भावना भी आवश्यक है।उन्होंने विद्यालय परिवार द्वारा शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे आयोजन गुरु-शिष्य के रिश्ते को और मजबूत बनाने के साथ हमारी संस्कृति एवं परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। समारोह सौहार्दपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

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