धमतरी जिले के बांधों में बढ़ा जलभराव, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
गंगरेल में 96.17 प्रतिशत पानी, मुरुमसिल्ली जलाशय 100 प्रतिशत भरा

धमतरी। जिले में लगातार बारिश और बांधों में पानी की आवक को देखते हुए जलाशयों के जलभराव की स्थिति पर जिला प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। शुक्रवार 11 सितंबर की रात 8 बजे जारी जानकारी के अनुसार जिले के प्रमुख बांधों में जलभराव काफी बढ़ गया है। मुरुमसिल्ली जलाशय पूरी तरह भर चुका है, जबकि गंगरेल बांध में 96.17 प्रतिशत पानी संग्रहित है।
प्रशासन से जारी जानकारी के मुताबिक गंगरेल जलाशय में 96.17 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। यहां पानी की आवक करीब 23,214 क्यूसेक है। वहीं मुरुमसिल्ली जलाशय 100 प्रतिशत भर चुका है और यहां करीब 6,000 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। इसी तरह दुधावा जलाशय में 91.80 प्रतिशत जलभराव है तथा पानी की आवक करीब 3,225 क्यूसेक है। सोंढूर जलाशय में 72.82 प्रतिशत पानी भरा हुआ है और यहां करीब 2,189 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है।
गंगरेल बांध से छोड़ा जा रहा 15 हजार क्यूसेक पानी
बांधों में लगातार हो रही पानी की आवक और आगामी वर्षा की संभावना को देखते हुए गंगरेल बांध से करीब 15,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से करीब 5,000 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के माध्यम से महानदी मुख्य नहर में छोड़ा जा रहा है, जबकि करीब 10,000 क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। आवश्यकता और पानी की आवक को देखते हुए आगे पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाई भी जा सकती है।
महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट
बांधों से पानी छोड़े जाने के चलते जिला प्रशासन ने महानदी के किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नदी में पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढ़ सकता है और बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है। ऐसे में नदी एवं नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नाले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप नहीं जाने, अनावश्यक रूप से नदी-नाले पार नहीं करने तथा आवश्यकता पड़ने पर चिह्नित ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन एवं स्थानीय अमले द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।
