Uncategorized

महिला किसान दिवस पर किसान गोष्ठी में शामिल हुईं जिला पंचायत सभापति मोनिका देवांगन, महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने किया प्रोत्साहित

धमतरी। कृषि सुधार एवं विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत महिला किसानों के सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन, कृषि क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से 15 अक्टूबर को ग्राम मुड़पार, विकासखंड धमतरी, जिला धमतरी (छत्तीसगढ़) में महिला किसान दिवस के अवसर पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम सशक्त महिला, समृद्ध कृषि, विकसित भारत रही। कार्यक्रम का आयोजन कृषि विभाग, जिला धमतरी के तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति की सदस्य श्रीमती मोनिका देवांगन उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम मुड़पार की सरपंच श्रीमती दशोदा यादव ने की तथा विशेष अतिथि के रूप में डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्रीति दुर्गम उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में कृषि विभाग की सहायक संचालक श्रीमती मुक्ता जोशी, उप परियोजना संचालक आत्मा श्री फत्ते लाल पटेल, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती उमा श्रीमाली, कृषि विकास अधिकारी प्रहलाद नागवंशी एवं श्रीमती बसंती मंडावी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती गुणिका साहू, श्रीमती जया साहू एवं श्रीमती लक्ष्मी नेताम, बीटीएम खिलेश साहू, एटीएम छगन साहू तथा पादप बोर्ड से श्रीमती मोनिका साहू सहित पशुसखी, कृषिमित्र, किसान संगवारी मेला राम निषाद एवं बड़ी संख्या में महिला किसान उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भीरेन्द्र साहू ने किया। महामाया कृषि महाविद्यालय, सियादेही के चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने आरएडब्ल्यूई कार्यक्रम के अंतर्गत अपने अनुभव भी साझा किए।
मुख्य अतिथि श्रीमती मोनिका देवांगन ने महिला किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाएँ खेती-किसानी से लेकर पशुपालन, बीज संरक्षण एवं कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों तक महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा कीट एवं रोगों के प्रभावी नियंत्रण के उपाय अपनाने चाहिए। उन्होंने महिलाओं को शासकीय कृषि योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महिला किसानों का सशक्तीकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विशेष अतिथि श्रीमती प्रीति दुर्गम ने पशुपालन, मुर्गीपालन एवं उद्यानिकी खेती के माध्यम से महिलाओं की आजीविका बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाएँ कृषि के साथ-साथ अन्य आयमूलक गतिविधियों को अपनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं।
उप परियोजना संचालक आत्मा फत्ते लाल पटेल ने औषधीय एवं सुगंधित पौधों की गुणवत्तायुक्त खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा बाजार में विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। गोष्ठी के दौरान कृषि उत्पादन में वृद्धि, उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने, फसल विविधीकरण तथा कृषि आधारित आजीविका को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि महिला किसान दलहन एवं तिलहन फसलों को अपनाकर फसल विविधीकरण को बढ़ावा दें तथा कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। महिलाओं को कृषि संबंधी प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने की आवश्यकता भी बताई गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला किसानों में जागरूकता बढ़ाना, उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों से परिचित कराना तथा कृषि क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान एवं प्रोत्साहन प्रदान करना रहा। इस प्रकार की किसान गोष्ठियाँ महिला किसानों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!