Uncategorized

विजयादशमी-दशहरा पर ग्राम छाती की रामलीला में शामिल हुए पंडित राजेश शर्मा, बोले, श्रीराम के आदर्शों से ही होगा आदर्श समाज का निर्माण

रामलीला भारतीय संस्कृति की आत्मा- पं. राजेश शर्मा


धमतरी। विजयादशमी-दशहरा के पावन अवसर पर ग्राम छाती में आयोजित श्रीरामलीला मंचन कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं धर्मप्रेमी समाजसेवी पंडित राजेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने श्रीराम दरबार में विधिवत पूजन-अर्चन कर ग्राम सहित पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की और समस्त ग्रामवासियों को विजयादशमी-दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। भारतीय संस्कृति में श्रीरामलीला का विशेष महत्व है। देश के गांव-गांव में दशहरा पर्व के अवसर पर रामलीला का मंचन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। इसमें कलाकार भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी, रावण सहित रामायण के विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते हैं। भगवान श्रीराम के अवतरण से लेकर उनके जीवन के प्रमुख प्रसंगों और अंत में रावण दहन तक की गाथा मंच पर प्रस्तुत की जाती है।इस दौरान पूरा गांव एकत्र होकर मंच के सामने बैठता है और श्रद्धा, उत्साह एवं पारिवारिक सहभागिता के साथ इस धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन का आनंद उठाता है। रामलीला केवल नाट्य मंचन नहीं, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। ग्राम छाती में आयोजित रामलीला भी इसी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बनी।
श्रीराम के आदर्शों से ही होगा आदर्श समाज का निर्माण
अपने संबोधन में पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि विजयादशमी सत्य की असत्य पर, धर्म की अधर्म पर और सदाचार की बुराई पर विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, त्याग, संयम, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहना प्रभु श्रीराम के जीवन का महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने कहा कि श्रीरामलीला हमारी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न हिस्सा है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, माता सीता के त्याग, लक्ष्मण की सेवा भावना और हनुमान जी की भक्ति एवं समर्पण को समझने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करते हैं तथा हमारी गौरवशाली परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं। पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि आदर्श समाज का निर्माण तभी संभव है, जब व्यक्ति श्रीराम के आदर्शों को अपने आचरण में अपनाए। सत्य बोलना, माता-पिता की सेवा करना, बड़ों का सम्मान करना और समाज के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही पर्वों की वास्तविक सार्थकता है। पर्वों का संदेश तभी सार्थक होगा, जब हम उसे अपने व्यवहार और जीवनशैली में उतारेंगे।
श्रीराम दरबार में की क्षेत्र की खुशहाली की कामना
पंडित राजेश शर्मा ने श्रीराम दरबार में पूजन-अर्चन कर ग्राम छाती सहित पूरे क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। ग्रामीणों के प्रति आत्मीयता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं को ग्रामवासियों के बीच का ही एक सदस्य मानते हैं और सभी के सुख-दुख में सहभागी बने रहना चाहते हैं।आयोजन को पूर्व विधायक लेखराम साहू ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक लेखराम साहू ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा जिला महामंत्री महेंद्र पंडित एवं लोकेश डागा उपस्थित रहे। इस अवसर पर ग्रामवासियों ने पंडित राजेश शर्मा सहित सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। आयोजन में ग्रामीणों की उपस्थिति और धार्मिक उत्साह देखने को मिला।अंत में पंडित राजेश शर्मा ने ग्राम के वरिष्ठजनों, आयोजन समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!