किसान बाजार की घटी रौनक, गिनती के किसान पहुंच रहे सब्जी बेचने
लगातार वर्षा से कई बाडिय़ों की फसल हुई खराब तीज त्यौहारो के कारण भी घटी आवक
कोरोना काल में बंद होने के बाद साल भर पहले तत्कालीन कलेक्टर नम्रता गांधी ने फिर खुलवाया किसान बाजार और दिया था फ्रेश बाजार का नाम

धमतरी। साल 2017 में किसान बाजार की शुरुआत की गई थी.तब तत्कालीन कलेक्टर सीआर प्रसन्ना ने प्रदेश के पहले किसान बाजार का उद्घाटन किया था.मकसद था किसानों के ताजा उत्पादों को सीधा बाजार उपलब्ध कराना.लेकिन कोरोना काल के दौरान बाजार बंद हुआ.स्थिति जब सामान्य हुई तो ये बाजार दोबारा ना खुला.लेकिन धमतरी जिले की नई कलेक्टर नम्रता गांधी ने किसानों के लिए शुरु किए गए इस बाजार को दोबारा खुलवाया और इसे फ्रेश बाजार का नाम दिया। तब से लगातार किसान बाजार जारी है। लेकिन वर्तमान में इस बाजार की स्थिति खराब है। यहां विक्रेता और ग्राहक काफी कम हो चुके है।
किसान बाजार में वर्तमान में 6 से 8 किसान अपनी उपज बेचने पहुंच रहे है। ग्राहकों की संख्या भी कम है। किसान जो सब्जी व फल लेकर पुराना मंडी पहुंच रहे वह माल भी पूरी तरह बिक नही पा रहा है। ऐसे में किसान बाजार की रौनक दिन प्रतिदिन घटती जा रही है। वर्तमान में हो रही लगातार बारिश से कई किसानों के बाडिय़ो में फसल खराब हो गई है। जिसके चलते उत्पादन कम हो रहा है। वहीं तीज त्यौहारो के चलते भी कुछ किसान, बाजार सब्जी बेचने नहीं पहुंच रहे है। किसान बाजार में साफ-सफाई, बिजली, पानी, पार्किंग जैसी सुविधाएं दी जा रही है। शहर के आसपास के 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसानों को फायदा देने के उद्देश्य से किसान बाजार का शुभारंभ किया गया था। ताकि आसपास के उत्पादक अपनी साग-सब्जी, फल और अन्य उत्पादों को सुबह 7 से 10 बजे तक शहर में बिक्री कर पाये। साथ ही ग्राहकों को भी बाडिय़ों से निकली ताजी सब्जी, फल मिल सके।
रोजाना सब्जियों के दाम होते है तय
किसान बाजार में पहुंचने वाले किसानों के उपज के दाम रोजाना तय किये जाते है। 30 अगस्त को टमाटर 50, मिर्ची 80, बैगन 40, करेला 40, केला 30, कुदंरु 40, पत्तीगोभी 30, लौकी 20, कुम्हड़ा 30, मुनगा 80, बरबट्टी 60, मुली 20, सेमी 120, धनिया 60, पालक 60, आलु 30, प्याज 50, नींबु 3 रुपये नग, खेक्सी 120, ककड़ी 30, गलका 30, कटहल 40, गाजर 30, प्याज भाजी 60, परवल 30, चेंचभाजी 30, लालभाजी 40 किलो सहित अन्य सब्जियों व फल के दाम तय थे।
जगह-जगह लग रहा पसरा इसलिए घट रही किसान बाजार की रौनक
बता दे कि शहर में कुछ प्रमुख बाजार है जिनमें गोल बाजार, इतवारी बाजार व रामबाग बाजार, सिहावा चौक प्रमुख है। इसके अतिरिक्त शहर में कई स्थानों पर अघोषित सब्जी बाजार लगता है। साथ ही शहर के मुख्य मार्गो पर जगह-जगह फूटकर सब्जी व फल विक्रेताओं द्वारा पसरा लगाया जाता है। ऐसे में लोगो को सब्जी खरीदने ज्यादा दूरी तय करनी नहीं पड़ती। किसान बाजार में ग्राहकी कम होने का यह भी प्रमुख कारण है। कुछ किसान जो पहले किसान बाजार सब्जी बेचने पहुंचते थे वे या तो फेरी लगाकर या फिर पसरा लगाकर सब्जी व फल बेचने लगे है।
