होलिका दहन हेतु कई स्थानों पर लगाया गया अरंड का पेड़
आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जा रहा है बसंत पंचमी पर्व

धमतरी। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन माता सरस्वती की पूजा होती है। इसी दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है। छत्तीसगढ़ में बसंत पंचमी का का विशेष महत्व है। इस दिन होलिका दहन हेतु अरंड का पेड़ होलिका दहन वाले स्थान पर लगाया जाता है। जिसके पश्चात इसी स्थान पर होलिका दहन किया जाता है। आज भी कई स्थानों पर अरंड का पेड़ लगाया गया।
ज्ञात हो कि आज बसंत पंचमी मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। माता सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और शिल्प-कला की देवी माना जाता है। आज बसंत पंचमी को श्री पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। बसंत पंचमी का दिन सभी शुभ कार्यो के लिये उपयुक्त माना जाता है। इसी कारण से बसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से प्रसिद्ध है और नवीन कार्यों की शुरुआत के लिये उत्तम माना जाता है।