भाजपा अब निभाए मछुआरो से किया वादा, मांगा जलक्षेत्र में पूर्ण अधिकार

प्रदेश में नई मत्स्य पालन नीति बनाने की मांग को लेकर महापौर को सौंपा ज्ञापन
धमतरी। चुनाव के समय भाजपा के घोषण पत्र में वादे के मुताबिक नए मत्स्य पालन नीति बनाने की मांग धीवर समाज धमतरी परगना ने की है। उनकी बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तक पहुंचाने के लिए महापौर रामू रोहरा को ज्ञापन सौंपा।
धीवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष परमेश्वर फूटान, धमतरी परगना अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद जगबेड़हा ने कहा कि भाजपा ने पूरे प्रदेश के मछुआरा समाज के लिए एक नई मत्स्य पालन नीति बनाने का वादा किया था। इसमें परंपरागत मछुआरा जातियों एवं समूहों को उनका परंपरागत अधिकार देने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मांग की है कि नई मछुआ नीति को छग मत्स्य क्षेत्र संशोधन अधिनियम-2015 के तहत लाते हुए कानून स्वरूप प्रदान करते हुए मत्स्य नीति को मत्स्य अधिनियम बनाया जाए। लीज में दिए गए तालाबों की पट्टा अवधि समाप्ति के 6 माह पूर्व नवीनीकरण कार्यवाही मछली पालन विभाग की ओर से किया जाए। इसमें नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतों के सभी तालाब सम्मिलित हो। इसके अलावा परंपरागत मछुआ जाति के लोगों को प्रधानमंत्री संपदा योजना एवं छत्तीसगढ़ सरकार की मत्स्य योजना में 75 फीसदी सब्सिडी प्रदान किया जाए।
जलक्षेत्र को दिया जाए पट्टे पर
समाज के सचिव सोहन धीवर, मीडिया प्रभारी शैलेंद्र नाग, कोमल सार्वा, कृष्णा हिरवानी, करण हिरवानी, तीरथराज फूटान, दुर्गेश रिगरी ने कहा कि मछुआ से तात्पर्य परिभाषा,शब्द को स्पष्ट कर परंपरागत मछुआ जातियों को जैसे- ढीमर, धीवर, केंवट, निषाद, भोई, कहार, मल्लाह को सूचीबद्ध करते हुए मछु़आ जाति व्यक्ति को एवं इन्हीं जाति के पंजीकृत मछुआरा सहकारी समिति को शामिल कर समस्त जलक्षेत्र में प्रथम वरीयता प्रदान करते हुए उन्हीं को समस्त जलक्षेत्र में मछली पालन हेतु पट्टे पर दिया जाए। मछुआ सहकारी समिति के गठन के बाद प्रशिक्षण की व्यवस्था अनिवार्यत: रखा जाए।