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सुरक्षित और स्वच्छ भोजन के साथ स्ट्रीट फूड कारोबार को मिलेगा नया आयाम

धमतरी में 140 स्ट्रीट फूड वेंडर्स को दिया गया प्रशिक्षण, एसडीएम पीयूष तिवारी ने वितरित किए प्रमाण-पत्र

धमतरी- खाद्य कारोबार के क्षेत्र में स्वच्छता, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, जिला धमतरी द्वारा स्ट्रीट फूड वेंडर्स एवं पथ खाद्य विक्रेताओं के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ भोजन पर केंद्रित निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस आज 140 स्ट्रीट फूड वेंडर्स को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के आवश्यक मानकों की जानकारी दी गई तथा प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धमतरी पीयूष तिवारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण का उद्देश्य स्ट्रीट फूड कारोबारियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री तैयार करने और उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यकर भोजन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था। प्रशिक्षण के माध्यम से खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की स्वच्छता, सुरक्षित रख-रखाव, व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाने तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी निर्धारित मानकों के पालन के प्रति जागरूक किया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार, खाद्य सुरक्षा और मानक (अनुज्ञापन एवं रजिस्ट्रीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-4 में खाद्य कारोबारियों के लिए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश निर्धारित हैं। इनका पालन न केवल उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि खाद्य कारोबार की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता बढ़ाने में भी सहायक है।
प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी महत्वपूर्ण विषयों को पीपीटी, एनिमेटेड वीडियो एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया गया, ताकि स्ट्रीट फूड वेंडर्स अपने दैनिक कारोबार में इन मानकों को आसानी से अपनाकर सुरक्षित भोजन तैयार एवं विक्रय कर सकें। प्रशिक्षण में छोटे-छोटे व्यवहारगत बदलावों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा की बेहतर संस्कृति विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनकी आजीविका और व्यवसायिक दक्षता को मजबूत करने की दिशा में भी जानकारी दी गई। सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने से जहां उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा, वहीं खाद्य कारोबारियों के व्यवसाय को भी दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। साथ ही खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम में भी ऐसे प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले स्ट्रीट फूड वेंडर्स को निःशुल्क सेफ्टी किट, जिसमें एप्रन, कैप, ग्लव्स, साबुन, तौलिया, डस्टर एवं हेडगियर सहित आवश्यक सामग्री शामिल है, प्रदान की गई। इसके अलावा प्रतिभागियों को FoSTaC प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र, ‘गोल्डन रूल्स’ बुकलेट तथा नेस्ले एवं नासवी का संयुक्त प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। इससे वेंडर्स को प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को व्यवहार में लागू करने के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध होंगे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले के सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स एवं पथ खाद्य विक्रेताओं से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन करें तथा समय-समय पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें। विभाग का उद्देश्य जनसामान्य को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्ट्रीट फूड कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक और सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण के संबंध में अधिक जानकारी के लिए फनेश्वर पिथौरा, मोबाइल 8770601262, विशाल आनंद, मोबाइल 7004386107 एवं दिलीप कुमार प्रजापति, मोबाइल 9315876962 पर संदेश के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।

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