बारिश थमने से घटी आवक, गंगरेल बांध से छोड़ा जा रहा 5285 क्यूसेक पानी
आवक घटने से घटा डिस्चार्ज, दो गेट खुले, बांध में है 97 प्रतिशत जल भराव

धमतरी। गंगरेल बाँध प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। यह पर्यटन, मत्स्य, कृषि व उद्योग के लिए काफी अहम है। उक्त बांध लबालब हो चुका है। बारिश थमने से अब आवक भी घटती जा रही है। आज सुबह की स्थिति में बांध के दो गेट क्रमांक 7, 8 से व रेडियल गेट से कुल 5285 क्यूसेक पानी छोड़ा रहा है।
बता दे कि गंगरेल बांध की जल भराव क्षमता 32.150 टीएमसी है। वर्तमान में बांध में कुल 31.400 टीएमसी जल भराव हो चुका है। जिसमें उपयोगी पानी 26.279 टीएमसी है। इस प्रकार बांध में लगभग 97 प्रतिशत उपयोगी पानी का जल भराव हो चुका है। बता दे कि कुछ दिन पूर्व बांध के कैंचमेंट एरिया में हुई अच्छी बारिश से बांध में आवक तेजी से बढ़ा। इस सीजन में अब तक अधिकतम आवक 94500 क्यूसेक तक रही। इसके बाद आवक कम ज्यादा होते रही है। आज सुबह की स्थिति में गंगरेल बांध में आवक 8340 क्यूसेक प्रति सेकेंड व जावक 5285 क्यूसेक रही।
मुरुमसिल्ली, दुधावा व सोंढुर बांध भी लबालब
बता दे कि जिले के अन्य बांधो की स्थिति भी वर्तमान में अच्छी है। मुरुमसिल्ली बांध की क्षमता 5.839 टीएमसी की है। वर्तमान में बांध में 98 प्रतिशत जल भराव है। दुधावा बांध की कुल जल संग्रहण क्षमता 10.192 टीएमसी है। वर्तमान में बांध में 95 प्रतिशत जल भराव है। वहीं सोंढुर बाँध की क्षमता 6.995 टीएमसी की है। वर्तमान में 78 प्रतिशत से अधिक का जल भराव हो चुका है।
