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डायरिया पर नियंत्रण व रोकथाम के लिए लोगों को किया जाएगा जागरूक- विजय देवांगन

छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों वाले घरों में ओ.आर.एस. पैकेट बांटे जाएंगे

धमतरी। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इतवारी बाजार धमतरी में बच्चों में डायरिया को रोकने और इसकी रोकथाम के लिए जिला में 20 जून से 5 जुलाई तक गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा महापौर विजय देवांगन, पीडब्ल्यूडी विभाग अध्यक्ष राजेश ठाकुर,स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष केंद्र कुमार पेंदरिया,प्रदेश सचिव सेवादल होरीलाल साहू ने बच्चों को डफर पैकेज एवं जिंक टेबलेट वितरण कर मनाया गया। इस दौरान महापौर विजय देवांगन सभी ने स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस-जिंक कॉर्नर की स्थापना के साथ ही लोगों को डायरिया के बारे में जागरूक करने कई गतिविधियां संचालित की जानकारी दी,डायरिया शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में मृत्यु के मुख्य कारणों में से एक है। इसके शीघ्र उपचार से बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग में आईडीसीएफ नोडल अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा सिविल सर्जन्स को सभी विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारियों और विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधकों को गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा के दौरान संचालित किए जाने वाले कार्यक्रमों व गतिविधियों की जानकारी देने तथा आवश्यक समन्वय के लिए निर्देश पत्र जारी करने कहा गया है। उन्होंने बताया कि सभी ए.एन.एम.और मितानिनों को डायरिया केस प्रबंधन,उपचार,काउंसलिंग पर प्रशिक्षण तथा अभियान के दौरान उनके द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के लिए निर्देशित करने और आईडीसीएफ टूलकिट प्रदान करने कहा गया है। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों के टंकियों की सफाई के भी निर्देश दिए गए हैं। अपने-अपने जिलों के लिए ओ.आर.एस. और जिंक टेबलेट का उठाव करते हुए इनका वितरण सुनिश्चित करने भी कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएमएचओ और सिविल सर्जन्स को कोरोना संक्रमण के प्रति सतर्कता बरतते हुए दीवार लेखन, सोशल मीडिया एवं प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों के जरिए डायरिया के रोकथाम एवं नियंत्रण की जानकारी लोगों तक पहुंचाने कहा गया है। विभाग ने गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा के आयोजन में महिला एवं बाल विकास विभाग,पंचायत विभाग, स्थानीय प्रशासन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन तथा विभिन्न विभागों के साथ काम कर रहे डेवलपमेन्ट पार्टनर्स का सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी अस्पतालों व आई.ए.पी., आई.एम.ए. जैसी निजी एजेंसियों को भी इसमें शामिल करने कहा है। डॉ. रेहाना कदीर ने बताया कि गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा के दौरान घर, कुएं व जल-स्रोतों की साफ-सफाई तथा पानी को स्वच्छ रखने के लिए क्लोरीन टेबलेट्स का वितरण किया जाएगा। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे ईंट-भट्टा,खानाबदोश स्थल, बाढ़ की संभावना वाले क्षेत्रों, ऐसे उप स्वास्थ्य केंद्र जहां एएनएम उपलब्ध नहीं हैं, प्रवासी मजदूर, सड़क पर रहने वाले बच्चों, मलिन बस्तियों जैसी जगहों पर अधिक ध्यान देने एवं ओ.आर.एस. की पूर्व उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा, आईडीसीएफ के दौरान मितानिनों द्वारा छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों वाले घरों में ओ.आर.एस. पैकेट का वितरण तथा इसके उपयोग के संबंध में सलाह प्रदान कर ओ.आर.एस. घोल बनाने की विधि का प्रदर्शन किया जाएगा। मितानिनें लोगों को साफ-सफाई के प्रति प्रेरित भी करेंगी। वे लोगों को डायरिया प्रकरणों की पहचान, ए.एन.एम. या स्वास्थ्य केन्द्रों पर संदर्भन, डायरिया के लक्षण व खतरों के बारे में भी बताएंगी। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस. के मंडल डॉ रेहाना कदीर (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ) शहरी कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री अनामिका बिश्वास,डॉ.रजनीश झा,श्वेता स्वर्णकार,योगेश धीवर,रूपम चंद्राकर,तिलक साहू ,सोमप्रकाश साहू,पिलेश निषाद,दुष्यंत साहू,विष्णु मनहरे, जानकी यादव एवं राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन एवं 15वे वित्त आयोग के समास्त अधिकारी एवं कर्माचारी उपस्थित थे।

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