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मेयर-इन-काउंसिल के वित्तीय शक्तियों तथा स्वीकृति को अवैध घोषित करने विपक्ष ने की मांग

धमतरी। नगर निगम में महापौर को मेयर-इन-काउंसिल की कार्यप्रणाली तथा शक्तियां उसके कामकाज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियां एवं कर्तव्य नियम 1998 के माध्यम से जो वित्तीय शक्तियां तथा स्वीकृति से संबंधित अधिकार प्रदान किए गए हैं उसके नियम 5.(2) के (च) के अनुसार काउंसिल की वित्तीय शक्तियों तथा स्वीकृति से संबंधित समस्त विषयों की सूचना निगम के सामान्य सभा को देना अति आवश्यक है अन्यथा ऐसा करनें पर असफल रहने पर इस व्यय को अवैध घोषित किए जाने का प्रावधान किया गया है। लेकिन आज तक इस नियम का पालन न करते हुए पिछले साढ़े चार वर्ष में महापौर द्वारा किसी भी वित्तीय स्वीकृति तथा कार्यों की जानकारी नगर निगम के सामान्य सभा के माध्यम से वहां के चुने हुए पार्षदों को देना उचित नहीं समझा है जो जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन है ऐसी स्थिति में सभी कार्यों तथा स्वीकृतियों को अवैध घोषित करने के लिए नगर निगम के विपक्ष के पार्षदगणों द्वारा नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा के नेतृत्व में सभापति अनुराग मसीह को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई।

उक्त अवसर पर पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा धनीराम सोनकर विजय मोटवानी बिशन निषाद दीपक गजेंद्र श्यामलाल नेताम प्रकाश सिन्हा हेमंत बंजारे अज्जू देशलहरे मिथिलेश सिन्हा ईश्वर सोनकर प्राची सोनी सरिता आसाई श्यामा साहू सुशीला तिवारी रश्मि दिवेदी नीलू डागा रितेश नेताम उपस्थित रहे।

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