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हाथियों के खतरे को देखते हुए एलीफैंट अलर्ट एप के माध्यम से रजिस्टर्ड नम्बरों पर भेजा रहा सावधानी मैसेज

ऐप के माध्यम से हो रही निगरानी, कई गांव में जारी किया गया अलर्ट

सिकासेर दल के लगभग 40 हाथी जंगलो में कर रहे विचरण, टस्कर हाथी से बढ़ा खतरा
धमतरी। धमतरी जिला हाथियों का पंसदीता स्थान बन चुका है। यहां अक्सर जंगली हाथी विचरण करते है। वर्तमान में भी हाथियों का दल विचरण कर रहा है। वहीं एक अन्य हाथी भी जिले में है जो कि एक महिला की जान भी ले चुका है। बता दे कि केरेगांव रेंज के डोकाल में तेंदुपत्ता तोडऩे गई महिला सुरेखा गोंड को कुचल कर, पटक कर मारने वाला टस्कर हाथी कल तक मगरलोड के पैरी नदी के किनारे था लगातार हाथी अपना लोकेशन बदल रहा है। इसी प्रकार 40 हाथियों वाले सिकासेर दल लगातार जिले में विचरण कर रहा है। वर्तमान में गरियाबंद की ओर हाथियां अग्रसर हो रहे है। हाथियों की मौजूदगी से जानमाल का बड़ा नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। वन विभाग द्वारा एलीफैंट ऐप के माध्यम से हाथियों की निगरानी की जा रही है। ऐप के माध्यम से लोगों को मैसेज भेजकर सावधान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त विभिन्न गांवो जैसे हथबंद, जलकुंभी, परसागुड़ा, रेंगाडीह, खालगढ़, अरसीकंहार, बोहरगांव, खंदबाहरा, उजरावन, मांदागिरी, गाताबाहरा, ढोंढा झारिया आदि गांव में अलर्ट जारी किया गया है। डोकाल में हुए हादसे के बाद वन विभाग द्वारा ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। लोगों को भी कई प्रकार से अलर्ट किया जा रहा है। ज्ञात हो कि धमतरी जिला वनों से अच्छादित है। यहां भरपूर जंगल और पानी के पर्याप्त स्त्रोत है। इसलिए जंगली हाथियों को जिला भा रहा है।


हाथी पहुंचा रहे नुकसान
बता दे कि जंगली हाथी अब तक जिले के 10 लोगों की जान ले चुकी है। कुछ दिन पूर्व भी डोकाल क्षेत्र में एक महिला को हाथी ने कुचका था। इसके अतिरिक्त फसल बाड़ी को भी हाथी रौंदते रहते है। घरो आदि को भी हाथी धराशाही कर देते है। कुछ दिन पूर्व एक मंदिर को भी हाथियों ने तोड़ दिया था। इसलिए कई लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि वन विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन कर प्रकरण तैयार कर मुआवजा प्रदान किया जाता है। लेकिन त्वरित नुकसान से ग्रामीण उभर नहीं पाते।

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