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सड़को पर धूल का गुबार बना रहा चर्म और दमा रोगी, दुर्घटनाओं का बन रहा कारण, समाजसेवी युवा नेता देशांत जैन ने की धूल से राहत दिलाने की मांग

ड्रेन-टू ड्रेन सड़क निर्माण से यातायात होगा सुगम, सुरक्षित, धूल से मिलेगी मुक्ति

धमतरी। धमतरी शहर के राष्ट्रीय राज मार्ग व राज्य राजमार्ग के दोनो ओर मिट्टी व मलबा है जिससे सड़क पर धूल का गुबार हमेशा छाया रहता है। इस धूल के गुबार की चपेट में लंबे समय तक रहने से शहरवासी चर्म दमा व आंख के रोग से पीडि़त हो रहे है। साथ ही दुर्घटनाओं का कारण भी धूल बन रहा है। ऐसे में समाजसेवी युवा नेता देशांत जैन ने इस गंभीर समस्या से लोगो को राहत दिलाने ड्रेन- टू – ड्रेन सड़क निर्माण की मांग कर रहे है।
चर्चा करते हुए समाजसेवी युवा नेता देशांत जैन ने कहा कि नेशनल व स्टेट हाईवे पर सड़क किनारे गेप छोड़ा गया जिसकी मिट्टी वाहनों की आवागमन से उड़ती रहती है। सड़क किनारे जमीन की पकड़ कमजोर हो चुकी है। जिससे धूल का गुबार सड़को पर छाया रहता है। विशेषकर रायपुर रोड से सिहावा चौक, सिहावा चौक से नहर नाका चौक, रत्नबांधा से मुजगहन चौक, अम्बेडकर चौक से रुद्री तक व अन्य मार्गो का चौड़ीकरण कर ड्रेन टू ड्रेन सड़क निर्माण कराया जाना आवश्यक है। उक्त मार्गो पर सड़को व नाली के बीच काफी गेप है। इस साईड सोल्डर गेप को पाटकर सड़क निर्माण किया जाये तो सड़क चौड़ी होगी बल्कि धूल से भी राहत मिलेगी। देशांत जैन ने कहा कि लंबे समय तक शहर वासी धूल के गुबार से त्रस्त है ऐसे में अब लोगो को चर्म रोग, दमा व आंख संबधित परेशानियां हो रही है। इन परेशानियों से भी राहत मिल पायेगी। धूल व सड़क कम चौड़ी होने से दुर्घटना भी घट जाती है। यदि सड़क ड्रेन-टू ड्रेन निर्माण हो जाये तो यातायात सुगम, सुरक्षित होगा। दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है। धूल की समस्या से भी राहत मिलेगी। देशांत जैन ने कहा कि निगम, पीड््ब्ल्यूडी व एनएचएआई व अन्य जिम्मेदारी विभागो को इस समस्या पर ध्यान देते हुए भविष्य में होने वाले सड़क निर्माण में ड्रेन-टू-ड्रेन निर्माण को अनिवार्य करना चाहिए। इसके अतिरिक्त शहर के प्रमुख मार्ग जर्जर हो चुके है। गड्ढे उभर आये है जिनसे दिन भर धूल उड़ती रहती है। सड़कों का नवीनीकरण आवश्यक है।

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