मुख्यमंत्री के दौरे पर एनएसयूआई की आवाज़ दबाना है लोकतंत्र की हत्या-राजा देवांगन
घर से उठाकर दर्जनों एनएसयूआई कार्यर्कताओ को अलग अलग थानों में रख किया गया नजरबंद

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा कि आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के धमतरी दौरे के अवसर पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओ को घर से उठाकर पुलिस द्वारा नज़रबंद कर दिया गया। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार एनएसयूआई की जनसमर्थन और युवाओं की आवाज़ से भयभीत हो चुकी है।एनएसयूआई का आंदोलन किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बुनियादी शिक्षा प्रणाली, बेरोजगारी और युवाओं के अधिकारों के लिए है। हमारी मुख्य आपत्तियाँ प्रदेश में 4000 स्कूल बंद किए जा रहे हैं.35000 शिक्षकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं। शिक्षा का बजट घटाया जा रहा है, पर 741 शराब दुकानों को मंजूरी दी गई है। यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब विद्यार्थियों और बेरोजगार युवाओं को सीधे प्रभावित कर रहा है। राजा देवांगन ने आगे कहा कि क्या अब इस प्रदेश में शिक्षा की बात करना अपराध है?क्या शांतिपूर्ण विरोध करना अब बर्दाश्त नहीं? यह आंदोलन रुकेगा नहीं, अब और तेज़ होगा।
हम हर ब्लॉक, कॉलेज, और गाँव तक पहुंचेंगे।अंतिम चरण में कलेक्ट्रेट घेराव होगा जहां छात्र, शिक्षक और युवा एक स्वर में बोलेंगे हमें शिक्षा चाहिए, शराब नहीं.पारस मणि साहू ,चितेन्द्र साहू ,नमन बंजारे ,नोमेश सिन्हा ,ओमप्रकाश मानिकपुरी ,तेजप्रताप साहू ,तेजप्रकाश साहू ,नोमेश सिन्हा ,तामेश्वर भोयर ,लखेश्वर साहू सहित दर्जनों कार्यकर्ता को नजरबंद किया गया.


