श्री प्रेम प्रकाश आश्रम चेरिटेबल ट्रस्ट धमतरी द्वारा रथ यात्रा पर किया गया भण्डारे का आयोजन

आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊॅंराम जी महाराज के 139 वें जन्मोत्सव पर आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन के लिए आतुर धमतरी के ग्रामीण क्षेत्रों से पधारने वाले यात्रियों के लिए श्री प्रेम प्रकाश आश्रम चेरिटेबल ट्रस्ट धमतरी के द्वारा भण्डारे की व्यवस्था की गई जिसमें आचार्यश्री के भक्तों ने बड़ी संख्या में 100 से भी अधिक सेवादारियों ने सेवा में भाग लिया एवं भगवान जगन्नाथ के 8000 से भी अधिक दर्शनार्थियों के तन की क्षुधा का शमन करने हेतु उन्हें भगवान की भोजन प्रसादी खिलाकर सेवा का सौभाग्य पाया श्री प्रेम प्रकाश आश्रम चेरिटेबल ट्रस्ट धमतरी के अध्यक्ष गुरुदेव सद्गुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज ने अजमेर से सेवादारों का मनोबल बढ़ाने हेतु एवं आचार्यश्री के द्वारा चलाए जाने वाले अखण्ड भंडारा की महिमा को बताते हुए स्वरचित छन्द को गाकर सुनाते हुए सन्देश के साथ साथ आशीर्वाद भी भेजा है.कार्यक्रम के प्रथम दिवस रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक धमतरी की रामधुनि मण्डली के द्वारा अपने 150 से भी अधिक सदियों के साथ भाग लिया मण्डली के द्वारा श्री प्रेम प्रकाश आश्रम के सत्संग भवन को भक्तिमय बनाकर भक्तों को भजनों के आनन्द से लबालब भर कर भक्ति से मस्त कर दिया भगवान रामचन्द्र की एवं आचार्यश्री की आरती के पश्चात् आश्रम की महिला मण्डली के द्वारा आयोजित भजन के साथ साथ भोजन के भण्डारे में सभी उपस्थित भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया संत लोकेश कुमार ने पधारे रामधुनी मण्डली के सदस्यों को टॉवेल के रूप में पखर पहना कर सम्मान कर प्रसाद भेंट कर आभार प्रदर्शित किया.कार्यक्रम के द्वितीय दिवस रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक दादा श्री बालचंद रोहरा के परिवार के द्वारा भजन एवं भोजन के भण्डारे का आयोजन किया गया* इस भजन कीर्तन के आयोजन में भजन अंताक्षरी का आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित सभी भक्तों ने भाग लिया विशेष कर 4 से 10 वर्ष के बच्चों ने भी भजन गाकर मन को खुशी से भर दिया.धन्य है वे माता पिता जिन्होंने अपने बच्चों को अच्छे संस्कारों से सुशोभित किया है भजन के द्वारा मन की क्षुधा का शमन करने के पश्चात् एवं तन की क्षुधा के शमन हेतु रात्रि ठीक 10 बजे भण्डारा प्रारम्भ हुआ जिसमें सभी ने भोजन प्रसादी पाकर गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया.
