कांकेर की घटना निंदनीय, लेकिन सरकार सभी के साथ न्याय कर रही है: प्रो. डॉ. संजीव वशिष्ठ

धमतरी। सर्व समाज समन्वय
महासभा छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. संजीव वशिष्ठ कांकेर के बड़े तेवड़ा , आमाबेड़ा क्षेत्र का दौरा कर शनिवार रायपुर वापसी के दौरान स्थानीय रेस्ट हाउस में रुके , जहा आयोजित प्रेस वार्ता में कांकेर जिले के आमाबेड़ा,बड़े तेवड़ा क्षेत्र में हुई घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया है और सभी पक्षों के साथ न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है।प्रो. वशिष्ठ ने बताया कि 90 गांवों की बैठक के बाद वे पीड़ित लोगों से मिलने कांकेर पहुंचे। वहां पीड़ित परिवारों, सर्व आदिवासी समाज और जिला पुलिस प्रशासन के साथ संयुक्त बैठक हुई। बैठक में अनुसूचित क्षेत्र में अतिक्रमण न हो, स्थानीय परंपराओं का सम्मान किया जाए, क्षेत्र में जबरन धर्मांतरण रोका जाए तथा अवैध प्रार्थना सभाओं को हटाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बड़े तेवड़ा-आमाबेड़ा की घटना में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि कांकेर जिले की यह घटना एक धर्मांतरित व्यक्ति के शव के दफनाने को लेकर उत्पन्न विवाद से जुड़ी है। तनाव बढ़ने पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष हुआ, जिसमें लाठीचार्ज के दौरान कई आदिवासी ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए। इस पर सर्व समाज समन्वय महासभा ने गंभीर सवाल उठाए कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में, जहां ग्राम सभा और आदिवासी समाज को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, वहां प्रारंभिक स्तर पर बल प्रयोग कितना उचित था।
महासभा की ओर से एसपी को सौंपे गए आवेदन में भारत सरकार के गृह सचिव, छत्तीसगढ़ सरकार के गृह सचिव, विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा के प्रांतीय, क्षेत्रीय व राष्ट्रीय संगठन महासचिव, जिला प्रशासन और प्रदेश के मीडिया से हस्तक्षेप की मांग की गई। आवेदन में कहा गया कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी धार्मिक या सामुदायिक संरचना का निर्माण ग्राम सभा की अनुमति के बिना अवैध है और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी संवाद व संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना होनी चाहिए।
प्रो. वशिष्ठ ने कहा कि सर्व समाज समन्वय महासभा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आदिवासी समाज के अधिकारों, शांति और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रेस वार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष पदमनी चंद्राकर, जिला संयोजक दिलीप पटेल , उपाध्यक्ष श्यामां पटेल , कोषाध्यक्ष विमला पटेल , सहसचिव रेणुका नाडेम एवं वरिष्ठ सदस्य विजय पदमबार , पूरण देव नाडेम आदि उपस्थित थे ।

