आधुनिक सफलता के बीज हमारे प्राचीन ग्रंथों में ही छिपे हैं – डॉ. बिंद्रा
अजय फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कुरुद में सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और बिजनेस कोच ने दी सीख

कुरुद। अजय फाउंडेशन के बैनर तले और पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक अजय चंद्राकर के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में देश के सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और बिजनेस कोच डॉ. विवेक बिंद्रा ने मंच संभाला। उन्होंने न केवल व्यापार की बारीकियां समझाईं, बल्कि रामायण और महाभारत के दृष्टांतों से जीवन प्रबंधन का ऐसा पाठ पढ़ाया, जो कॉलेज के छात्रों से लेकर मंझे हुए व्यापारियों तक के लिए एक मास्टरक्लास साबित हुआ। हजारों की संख्या में एशिया के नंबर वन मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. विवेक बिंद्रा को सुनने लोग पहुँचे थे। डॉ. विवेक बिंद्रा ने स्पष्ट किया कि आधुनिक सफलता के बीज हमारे प्राचीन ग्रंथों में ही छिपे हैं। कार्यक्रम का सबसे भावुक और गंभीर हिस्सा वह था जब डॉ. बिंद्रा ने सीधे गृहणियों और पालकों से संवाद किया। उन्होंने पेरेंटिंग को एक नई दिशा देते हुए कहा आप अपने बच्चों को संपत्ति तो दे सकते हैं, लेकिन अगर सही बिलीफ सिस्टम नहीं दिया, तो वह संपत्ति भी शून्य हो जाएगी। उन्होंने समाज में छिपे खतरों को महाभारत के पात्रों से जोड़ते हुए आगाह किया, हर परिवार के आसपास आज शकुनि और मंथरा जैसे लोग मौजूद हैं, जो आपके बच्चों की मानसिकता को खराब कर रहे हैं। डॉ. बिंद्रा ने कहा व्यापारी भाइयों, गल्ले पर चिपकने से धंधा बड़ा नहीं होता। उनका संदेश साफ था बैलों से बचें और अपनी ऊर्जा सही ग्राहकों पर लगाएं। डॉ. बिंद्रा ने क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली का उदाहरण दिया। उन्होंने समझाया कि टैलेंट से ज्यादा महत्वपूर्ण है निरंतर सुधार।