पद के अहंकार क़े त्याग से प्राप्त होता है यश और प्रतिष्ठा -:कामता शरण
वर्तमान लड़ाई को जीतने का हथियार शस्त्र नहीं,है शास्त्र -:पं.राजेश शर्मा

लिमतरा में आयोजित शिव महापुराण में शामिल हुए समाजसेवी और जनप्रतिनिधि,आयोजन समिति को प्रदत्त की गई ग्यारह हजार रूपए की सहयोग राशि
धमतरी- लिमतरा गांव में आयोजित पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा के चौथे दिवस व्यास पीठ से पंडित कामता शरण महाराज जी ने भगवान शंकर एवं माता पार्वती के विवाह का प्रसंग का भावनात्मक व्याख्यान करते हुए बताया कि भगवान शंकर ने सारे विकारों को त्याग कर समाज को यह संदेश दिए की यदि जीवन में हमें पद मिल जाए तो उसका अहंकार मत करना और उससे ही आगे चलकर यश एवं प्रतिष्ठा प्राप्त होकर अपना जीवन को सफल कर लोग यही शिव पुराण की कथा का सार्थक संदेश है वही कथा श्रवण के लिए पहुंचे धर्म प्रेमी एवं समाज से भी पंडित राजेश शर्मा ने व्यास पीठ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त कर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का समाज जिस सामाजिक विभीषिका की लड़ाई की ओर अग्रसर हो रहा है उसे विजय प्राप्त करने का हथियार शास्त्र नहीं बल्कि एकमात्र शास्त्र है जिसके लिए धार्मिक आयोजन एक सशक्त एवं सार्थक माध्यम बन रहे हैं और इसी से ही गांव में जागृति के साथ-साथ धार्मिक जागरण का संचार हो रहा है इसके लिए आयोजन समिति को धन्यवाद देते हुए ग्यारह हजार रूपए की सहयोग राशि दी आयोजन समिति को प्रदान की गई वहीं मंच से नगर निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा,गौ रक्षक हेमराज सोनी तथा समाजसेवी विपिन साहू ने भी शुभकामनाएं संदेश दी। कार्यक्रम का आयोजन ग्राम विकास समिति के द्वारा किया गया था जिसमें प्रमुख रूप से अध्यक्ष द्वारका साहू, भावेश अग्रवाल, भेष साहू, हरदेव चंद्राकर, सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।


