विदेशों में फंसे भारतीयों से विमान कंपनियों की मनमानी पर लगाई जाये-सलजअग्रवाल
की मांग,संकटग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित लाने के लिए विशेष राहत उड़ानों की व्यवस्था की जाए
विदेशों में फंसे भारतीयों से विमान कंपनियों की 
विमान किराया न्यूनतम एवं नियंत्रित दरों पर किया जाये निर्धारित
समाजसेवी व भाजपा नेता सलज अग्रवाल ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, रक्षा मंत्री, भारत सरकार,गृहमंत्री, भारत सरकार,विदेश मंत्री, भारत सरकार को पत्रकार लिखा है कि वर्तमान समय में ईरान एवं इराक क्षेत्र में उत्पन्न युद्ध जैसी गंभीर परिस्थितियों के कारण अनेक भारतीय नागरिक, विद्यार्थी एवं व्यापारी विभिन्न देशों में असुरक्षा की स्थिति में फंसे हुए हैं। ऐसे समय में वे अपने देश भारत वापस लौटना चाहते हैं ताकि अपने परिवारों के बीच सुरक्षित रह सकें।
परंतु अत्यंत खेद के साथ यह कहना पड़ रहा है कि इस आपात स्थिति में कुछ विमानन कंपनियों द्वारा मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार करते हुए अत्यधिक विमान किराया वसूला जा रहा है। कई मामलों में नियमित उड़ानों को अचानक निरस्त कर दिया जाता है और उसी उड़ान में अत्यधिक कीमत पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों को यात्रा की अनुमति दी जाती है। यह स्थिति न केवल अनुचित है बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों की मजबूरी का लाभ उठाने जैसा प्रतीत होती है।आज जब दुनिया के कई देश अपने नागरिकों को संकटग्रस्त क्षेत्रों से सुरक्षित वापस लाने के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं और बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के उन्हें स्वदेश पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे समय में भारतीय नागरिकों से इस प्रकार की मनमानी वसूली अत्यंत चिंताजनक है।
हमारे देश के अनेक परिवार अपनी जीवन भर की मेहनत की कमाई अपने बच्चों की शिक्षा अथवा व्यापार के लिए विदेशों में निवेश करते हैं। वर्तमान संकट में जब वे अपने देश वापस आना चाहते हैं, तब उनकी पूरी जमा पूंजी केवल आने-जाने के किराये में समाप्त हो जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।अतः मैं नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार, माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रक्षा मंत्रालय, गृहमंत्री एवं विदेश मंत्रालय सहित सभी सक्षम अधिकारियों से विनम्र निवेदन करता हूँ कि विमानन कंपनियों की मनमानी एवं अत्यधिक किराया वसूली पर तत्काल सख्त नियंत्रण किया जाए।संकटग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित लाने के लिए विशेष राहत उड़ानों की व्यवस्था की जाए।विमान किराया न्यूनतम एवं नियंत्रित दरों पर निर्धारित किया जाए ताकि आम भारतीय नागरिक भी अपने देश वापस लौट सकें। जिन यात्रियों से अनुचित तरीके से अत्यधिक किराया लिया गया है, उनकी राशि वापस कराने के लिए भी आवश्यक निर्देश जारी किए जाएँ। संकट की घड़ी में एक-दूसरे का सहयोग करना ही मानवता का धर्म है। ऐसी परिस्थितियों में किसी की मजबूरी का लाभ उठाना उचित नहीं है। आशा है कि भारत सरकार इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगी और विदेशों में फंसे भारतीयों को राहत प्रदान करेगी।