Uncategorized

जिले में गोदाम निर्माण और चना खरीदी का शुभारंभ, किसानों को मिलेगी बेहतर सुविधा

सहकारी बैंक अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष नेहरू निषाद, पूर्व विधायक रंजना साहू रहे विशेष रूप से उपस्थित

धमतरी। जिले में कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 21 धान खरीदी केंद्रों में 200-200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण कार्य का भूमि पूजन संबलपुर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सहकारी बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, भूतपूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू सहित क्षेत्र के पंचायत पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले के मोगरागहन, तरसीवा, कुर्रा, खरेंगा, लिमतरा, अंगारा, लोहारसी, अछोटा, देमार, अकलाडोंगरी, पोटियाडीह, कंडेल, कुर्मातराई, डोमा, झूरानवागांव, माटेगहन, बोडरा, शंकरदाह, संबलपुर, कसवाही और सोरम सहित कुल 21 धान खरीदी केंद्रों में गोदाम बनाए जाएंगे। प्रत्येक गोदाम की लागत 12 लाख 78 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इस प्रकार कुल 21 गोदामों के निर्माण हेतु 2 करोड़ 68 लाख 35 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इन गोदामों के निर्माण से किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था सुदृढ़ होगी और खरीदी प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित बन सकेगी।इसी क्रम में संबलपुर उपार्जन केंद्र में चना खरीदी का शुभारंभ भी विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत रबी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू की गई। शुभारंभ के अवसर पर एक कृषक से 10 क्विंटल चना का उपार्जन किया गया।अधिकारियों ने बताया कि रबी विपणन सीजन 2025-26 में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए चना एवं सरसों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इस वर्ष चना के समर्थन मूल्य में 225 रुपये तथा सरसों में 300 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। वर्तमान में चना 5,875 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों 6,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जा रही है।
जिले के 11 उपार्जन केंद्रों में अब तक 5 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है और यह प्रक्रिया लगातार जारी है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष सबलपुर, बोरसी और सलोनी में तीन नए उपार्जन केंद्र भी शुरू किए गए हैं, जिससे किसानों को नजदीक में ही खरीदी सुविधा मिल सके।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!