पशुपालकों को सस्ती दर पर मिलेंगी जेनेरिक पशु औषधियां
धमतरी विकासखंड में प्रथम पशु औषधि विक्रय केंद्र के लिए दस्तावेजों का सत्यापन पूर्ण

धमतरी- पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित लाइवस्टॉक हेल्थ एंड डिजीज कण्ट्रोल प्रोग्राम के अंतर्गत पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती पशु औषधियां उपलब्ध कराने की दिशा में जिले में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में पशु औषधि विक्रय केंद्र की स्थापना के लिए प्राप्त आवेदन के दस्तावेजों का सत्यापन पूर्ण कर लिया गया है।
संचालनालय पशु चिकित्सा सेवाएं, छत्तीसगढ़, रायपुर से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में विकासखंड धमतरी से प्राप्त आवेदन पोर्टल पर स्वीकृत होने के पश्चात आवेदन की अर्हता पूर्ण करने के लिए प्रस्तुत आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन 6 अगस्त 2026 को उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला धमतरी द्वारा किया गया। इस दौरान आवेदक देवेश कुमार सिन्हा, सिन्हा कृषि केंद्र (पीएम किसान समृद्धि केंद्र), ग्राम कोलियरी, विकासखंड धमतरी तथा फार्मासिस्ट प्रतीक वाटवानी, धमतरी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक पोर्टल पर स्वीकृत आवेदनों में दस्तावेज सत्यापन के चरण तक पहुंचने वाला यह एकमात्र आवेदन है, जिससे जिले को इस पहल में अग्रणी अवसर मिला है।
पी ए वी के का संचालन प्रारंभ होने के बाद विकासखंड धमतरी क्षेत्र के पशुपालकों को जेनेरिक पशु औषधियां सस्ती एवं उचित दरों पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे पशुओं के उपचार में होने वाले खर्च को कम करने, समय पर दवाइयां उपलब्ध कराने तथा पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण में मदद मिलेगी। साथ ही पशुपालकों को आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाओं और औषधियों के लिए दूरस्थ क्षेत्रों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी |
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले में पशुपालकों को बेहतर एवं सुलभ पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। पशु औषधि विक्रय केंद्र प्रारंभ होने से पशुपालकों को आवश्यक जेनेरिक पशु औषधियां उचित एवं सस्ती दरों पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इससे समय पर उपचार की सुविधा मिलने के साथ पशुपालकों के उपचार संबंधी खर्च में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय का महत्वपूर्ण आधार है। पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दवाइयों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना पशुपालकों की आय और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में उपयोगी कदम है। उन्होंने संबंधित विभाग को केंद्र के संचालन की प्रक्रिया निर्धारित मापदंडों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इसका लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को मिल सके।
यह पहल जिले में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पशुपालकों में पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा पशुधन आधारित आजीविका को और मजबूत करने में भी सहायता मिलेगी.
