राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर अबिनाश मिश्रा
3-4 सुनवाई के भीतर नियमानुसार करें प्रकरणों का निराकरण, नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें

धमतरी- कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिले के सभी राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलवार नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, खाता विभाजन, भूमि संबंधी त्रुटि सुधार, रिकॉर्ड दुरुस्ती एवं नक्शा सुधार सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली आम नागरिकों के दैनिक जीवन से सीधे जुड़ी है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को अपने छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा 3 से 4 सुनवाई के भीतर नियमानुसार उनका निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए अनावश्यक विलंब समाप्त किया जाए तथा राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाया जाए।
पुराने लंबित प्रकरणों के निराकरण को दें सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से पुराने एवं लंबित राजस्व प्रकरणों को चिन्हांकित कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण एवं बंटवारा जैसे मामलों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। सीमांकन संबंधी प्रकरणों में स्थल निरीक्षण, दस्तावेजों के परीक्षण एवं नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं भूमि अभिलेखों में त्रुटि सुधार, रिकॉर्ड दुरुस्ती तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों का भी समयबद्ध निराकरण किया जाए।
पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ करें कार्य
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में केवल गति ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता, निष्पक्षता और पारदर्शिता भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करें, प्रत्येक न्यायालय की प्रगति की सतत समीक्षा करें तथा शासन की मंशा के अनुरूप नागरिकों को त्वरित, सुगम, पारदर्शी एवं संवेदनशील राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराएं।
अवादित नामांतरण एवं बंटवारा ग्राम पंचायत स्तर पर होगा निराकृत
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि भू-संबंधी अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा जैसे प्रकरणों का निराकरण अब ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में अनावश्यक रूप से न्यायालयीन प्रक्रिया न अपनाई जाए, बल्कि शासन के प्रावधानों के अनुरूप ग्राम पंचायतों के माध्यम से त्वरित निराकरण सुनिश्चित कराया जाए। इससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही सुविधाजनक एवं शीघ्र सेवाएं उपलब्ध होंगी तथा राजस्व न्यायालयों पर अनावश्यक भार भी कम होगा।
जनहित सर्वोपरि, संवेदनशीलता के साथ करें कार्य
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि राजस्व विभाग शासन और आम नागरिक के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता, जवाबदेही और सकारात्मक कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक राजस्व प्रकरण का निस्तारण तथ्यों, अभिलेखों एवं नियमों के आधार पर समय-सीमा के भीतर किया जाए, जिससे आम जनता का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो।बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी, पवन प्रेमी, एसडीएम धमतरी पीयूष तिवारी, एसडीएम नगरी श्रीमती प्रीति दुर्गम, डिप्टी कलेक्टर मनोज मरकाम सहित जिले के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी उपस्थित रहे।
