96 प्रतिशत हुआ जल भराव : गंगरेल बांध का खुला एक गेट
31 टीएमसी से ज्यादा हुआ जल संग्रहण, 8375 क्यूसेक पानी की हो रही आवक, छोड़ा जा रहा 2000 क्यूसेक पानी

धमतरी। लगातार हो रही अच्छी बारिश से गंगरेल बांध लबालब हो गया है। जिसके पश्चात इस मानसून सीजन में पहली बार गंगरेल बांध के गेट खुले यदि आवक लगातार बनी रही या आवक में वृद्धि हुई तो और भी गेट खोले जा सकते है।
मिली जानकारी के अनुसार गंगरेल बांध की क्षमता 32.150 टीएमसी की है। जिसके विपरित बांध में 31.11 टीएमसी जल भराव हो चुका है। जिसमे उपयोगी जल भराव 26.046 टीएमसी है। बांध में जल भराव 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है। बांध मे 8375 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। और बांध से 2000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। आज सुबह 2 नम्बर के एक गेट को खोला गया जिससे 500 क्यूसेक पानी छोड़ा रहा है। जबकि 1500 क्यूसेक पानी पेन स्टाक से माध्यम से प्लांट के लिए छोड़ा जा रहा है। जैसे लोगो को बांध के एक गेट खुलने की सूचना मिली लोग यह नजारा देखने पहुंचने लगे, लेकिन लोगो को बांध के सभी 14 गेट एक साथ खुलने के मनोरम दृश्य का इंतजार है।
वहीं मुरुमसिल्ली बांध की क्षमता 5.839 टीएमसी है। बांध पूरी तरह भर चुका है। जिससे एशिया के एक मात्र सायफन सिस्टम पहले खुल चुके है। यह 34 सायफन सिस्टम है जिससे 1750 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। दुधावा बांध की क्षमता 10.192 टीएमसी की है। बांध में 8.551 टीएमसी जल भराव है। बांध में 84 प्रतिशत भर चुका है। आवक 3458 क्यूसेक है, जावक 240 क्यूसेक है। सोंढुर बांध की क्षमता 6.995 टीएमसी है। बांध में 5.045 टीएमसी जल भराव है, बांध में लगभग 70 प्रतिशत जल भराव हो चुका है। बांध में 167 क्यूसेक पानी की आवक है और इतना ही पानी छोड़ा जा रहा है।
महानदी के किनारे बसे 45-50 गांव में बाढ़ के खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी
जैसे ही गंगरेल बांध में जल भराव पूर्णत: की ओर होने लगा जिला प्रशासन द्वारा महानदी के किनारे बसे 45-50 गांव में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बांध से पानी छोडऩे की स्थिति में तटीय क्षेत्रो व गांवो में बाढ़ की स्थिति बन सकती है इसलिए एतिहात बरतने अलर्ट जारी किये गये है। चूंकि बांध 96 प्रतिशत भर चुका है ऐसेमें अब आवक बढ़ी तो डिस्चार्ज भी बढ़ेगा जिससे महानदी के किनारे गांवो में बाढ़ के हालात बन सकते है।
