संकल्प अभियान के तहत देमार क्लस्टर में जेंडर सभा एवं आम सभा का आयोजन
महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता और सशक्तिकरण पर हुआ सार्थक संवाद, निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर

धमतरी- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा उन्हें गांव के विकास और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से धमतरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत देमार क्लस्टर में जेंडर सभा (महिलाओं की छोटी संसद) एवं आम सभा का गरिमामयी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा के निर्देशन में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत किया गया।
जेंडर सभा में महिलाओं ने खुले एवं सहज वातावरण में अपने अधिकारों, समस्याओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं पर संवाद किया। महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा से संरक्षण, महिला सुरक्षा, आर्थिक स्वावलंबन तथा शासकीय योजनाओं में महिलाओं की शत-प्रतिशत भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए गांव में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को और अधिक सशक्त बनाने के संबंध में सुझाव दिए।
कार्यक्रम में वाद-विवाद प्रतियोगिता नुक्कड़ नाटक, खुली चर्चा, क्लस्टर झलक एवं महिला सशक्तिकरण रैली जैसी गतिविधियों के माध्यम से महिला अधिकारों और समानता का संदेश दिया गया। इन गतिविधियों ने महिलाओं में जागरूकता के साथ-साथ आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और सामूहिक नेतृत्व की भावना को भी प्रोत्साहित किया।
आम सभा में देमार क्लस्टर के सर्वांगीण विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, महिला एवं बाल सुरक्षा, आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण संस्थाओं को सशक्त बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने तथा उपलब्ध शासकीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने की दिशा में समन्वित प्रयासों पर भी चर्चा हुई। रैली निकाल कर कार्यक्रम स्थल पहुंची ।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने कहा कि गांव के विकास को व्यापक और सहभागी स्वरूप देने के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जेंडर सभा महिलाओं को अपनी बात रखने, अपने अधिकारों को समझने और गांव की विकास प्रक्रिया में अपनी भूमिका तय करने का प्रभावी मंच प्रदान करती है। महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं के हित तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध परिवार, समाज और गांव की समग्र प्रगति से है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों, ग्रामीण संस्थाओं और समुदाय से समन्वित प्रयास करते हुए महिलाओं की सुरक्षा, समानता, आर्थिक स्वावलंबन तथा शासकीय योजनाओं तक उनकी सहज पहुंच सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ-साथ जनभागीदारी को मजबूत करना भी है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग, यूनिसेफ के कार्यकर्ता, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चाइल्ड हेल्पलाइन, सखी सेंटर, सीएलएफ एवं वीओ के पदाधिकारी, बिहान के विभिन्न कैडर, जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
महिलाओं ने कहा—हमारी बात, हमारा मंच, हमारा निर्णय
जेंडर सभा में शामिल महिलाओं ने इसे अपने अधिकारों, समस्याओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर खुलकर चर्चा करने का उपयोगी मंच बताया। महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देने के साथ-साथ सामूहिक रूप से आगे बढ़ने, योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और गांव के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। महिलाओं ने भविष्य में भी इस तरह के संवाद और जनभागीदारी आधारित आयोजनों को निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता व्यक्त की।
