निगम की आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर पार्षद सुमन मेश्राम ने उठाए सवाल, त्यौहार पर कर्मचारियों की परेशनियो को लेकर जताई नाराजगी
दिवाली पर भी निगम कर्मचारियों के घरों में छाया आर्थिक संकट, वेतन के लिए तरस रहे कर्मचारी

धमतरी – दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर भी नगर निगम अपने कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन देने में नाकाम साबित हो रहा है। निगम की इस स्थिति को लेकर पार्षद सुमन मेश्राम ने निगम प्रशासन और महापौर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
पार्षद सुमन मेश्राम ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी शहर की स्वच्छता, बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारू रखने के लिए दिन-रात अपनी सेवाएं देते हैं। इन्हीं कर्मचारियों के भरोसे शहर की व्यवस्थाएं संचालित होती हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने बताया कि दिवाली से पहले कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए शासन से निगम को 2.14 करोड़ रुपये की राशि मिली थी, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों को केवल सितंबर माह का वेतन ही मिल पाया।अक्टूबर माह का वेतन कर्मचारियों को नहीं मिल पाया जबकि नवंबर माह में कर्मचारी कार्यरत है निगम में नियमित , प्लेसमेंट कर्मचारी है ।ऐसे में सवाल उठता है कि जब शासन से वेतन भुगतान के लिए राशि उपलब्ध कराई गई थी, तो कर्मचारियों को नियमित वेतन देने में आखिर परेशानी क्यों आ रही है?
सुमन मेश्राम ने महापौर पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर के विकास और करोड़ों रुपये के कार्यों की घोषणाएं करने वाले महापौर निगम कर्मचारियों को दिवाली के अवसर पर समय पर वेतन तक नहीं दिला पा रहे हैं। यह निगम की आर्थिक स्थिति और वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने मांग की कि निगम प्रशासन कर्मचारियों के बकाया वेतन का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करे और भविष्य में वेतन भुगतान की नियमित व्यवस्था बनाए, ताकि शहर की मूलभूत सेवाओं में योगदान देने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।


