सेवा संकल्प अभियान : नवाचार से समाधान और समाधान से उद्यमिता की ओर बढ़ेंगे युवा
लाइवलीहुड कॉलेज में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत जिला स्तरीय जागरूकता सत्र आयोजित

धमतरी- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत युवाओं में नवाचार, रचनात्मक सोच और उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत जिला स्तरीय विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन लाइवलीहुड कॉलेज, धमतरी में किया गया। कार्यक्रम में आईटीआई भाटगांव एवं लाइवलीहुड कॉलेज, धमतरी के लगभग 120 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में स्टार्टअप मेंटर एवं विशेषज्ञ श्री दुर्गेश गंगीर ने विद्यार्थियों को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ की अवधारणा, उद्देश्य एवं सहभागिता प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नवाचार केवल नई तकनीक विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और स्थानीय स्तर की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके सरल, उपयोगी और प्रभावी समाधान विकसित करना भी नवाचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को अवसर के रूप में देखने तथा अपने विचारों को व्यावहारिक समाधान और आगे चलकर उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
सत्र के दौरान समस्या की पहचान, आइडिया डेवलपमेंट, नवाचार आधारित समाधान, प्रोटोटाइप तैयार करने, स्टार्टअप की संभावनाओं तथा उद्यमिता के विभिन्न अवसरों पर जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि स्थानीय संसाधनों, तकनीक और अपनी रचनात्मक क्षमता का उपयोग करते हुए ऐसे समाधान विकसित किए जा सकते हैं, जो समाज की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी निर्मित कर सकते हैं।
विद्यार्थियों को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत करने, समस्या आधारित समाधान विकसित करने तथा प्रतियोगिता के माध्यम से अपने आइडिया को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने नवाचार एवं स्टार्टअप से जुड़े विषयों पर संवाद करते हुए अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, धमतरी के महाप्रबंधक प्रशांत चंद्राकर, प्रबंधक जगमोहन एक्का एवं प्रबंधक सुश्री प्रचेता किरण तथा लाइवलीहुड कॉलेज के संदीप गोन्नाडे उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उपलब्ध शासकीय योजनाओं, उद्यमिता के अवसरों तथा कौशल आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार के अवसरों से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें समस्या पहचानने, समाधान सोचने, नवाचार करने और अपने विचारों को उद्यम में परिवर्तित करने के लिए सक्षम बनाना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में नवाचार एवं उद्यमिता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा उन्हें ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया।

