महानदी एवं दुधावा बांध के डूबान प्रभावित क्षेत्रों में लीजधारी किसानों की फसलों का भौतिक सत्यापन
पांच संयुक्त टीमों ने गांवों एवं खेतों में पहुंचकर किया सर्वेक्षण, किसानों से संवाद कर समस्याओं के निराकरण के दिए निर्देश

धमतरी – खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन धमतरी द्वारा महानदी एवं दुधावा बांध के डूबान प्रभावित क्षेत्रों में लीजधारी किसानों की बोई गई फसलों का भौतिक सत्यापन कराया गया। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नगरी श्री मनोज मरकाम के नेतृत्व में तहसील बेलरगांव के संबंधित ग्रामों में पांच संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुंचकर भूमि, फसल एवं वास्तविक रकबे का निरीक्षण किया।
इस अभियान के तहत राजस्व, कृषि एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल कर पांच संयुक्त टीमों का गठन किया गया था। इनमें तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी, पटवारी, अमीन पटवारी, स्थल सहायक, चैनमैन एवं कोटवार सहित मैदानी अमला शामिल रहा। टीमों ने संबंधित ग्रामों में लीज पर दी गई कृषि भूमि के वास्तविक रकबे, वहां बोई गई फसलों तथा फसलों की वर्तमान स्थिति का स्थल पर निरीक्षण कर सत्यापन किया। पूरी प्रक्रिया ग्राम प्रतिनिधियों एवं संबंधित किसानों की उपस्थिति में संपन्न की गई, ताकि सर्वेक्षण में पारदर्शिता और वास्तविक तथ्यों का समावेश सुनिश्चित हो सके।
ग्राम चौपाल में किसानों से सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान ग्राम बेलरगांव में चौपाल आयोजित कर किसानों एवं ग्रामीणों से चर्चा की गई। किसानों ने डूबान क्षेत्र की कृषि भूमि के पंजीयन, धान विक्रय तथा खेती-किसानी से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही कर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण-2026 एवं पी.वी. ऐप के माध्यम से दर्ज फसल सर्वेक्षण के आंकड़ों के ग्रामसभा में वाचन एवं प्रकाशन की प्रक्रिया का भी अवलोकन किया गया। सरपंच एवं सचिव से चर्चा कर प्रकाशन के दौरान प्राप्त दावा-आपत्तियों और दर्ज विसंगतियों की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने प्राप्त आपत्तियों की नियमानुसार जांच कर आवश्यक सुधार एवं निराकरण के लिए तहसीलदार को प्रेषित करने के निर्देश दिए।
पात्र किसानों का शत-प्रतिशत धान पंजीयन कराने के निर्देश
आगामी खरीफ विपणन वर्ष में कोई भी पात्र किसान धान विक्रय एवं शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए राजस्व, पंचायत एवं कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण एवं ग्रामसभा में प्रकाशित आंकड़ों में किसी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर उसका मौके पर सत्यापन कर समय-सीमा में नियमानुसार निराकरण किया जाए।
ग्राम पंचायत के सरपंच को ग्राम कोटवार के माध्यम से नियमित मुनादी कराकर किसानों को धान पंजीयन, एग्रीस्टेक एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जानकारी देने के निर्देश दिए गए। वहीं सहकारिता विभाग के ऑपरेटरों को पात्र कृषकों का शत-प्रतिशत धान पंजीयन एवं एग्रीस्टेक संबंधी प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए कहा गया। जिन किसानों का पंजीयन अब तक नहीं हुआ है, उनसे व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें आवश्यक जानकारी देने तथा निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
डूबान भूमि के सत्यापन से दूर होंगी पंजीयन संबंधी विसंगतियां
महानदी एवं दुधावा बांध के डूबान प्रभावित क्षेत्रों में लीज पर दी गई कृषि भूमि के संबंध में धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया में भूमि के वास्तविक रकबे, लीजधारी किसान एवं बोई गई फसल का सही विवरण महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा यह विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया है, ताकि धान खरीदी के दौरान भूमि के रकबे, फसल विवरण एवं पंजीयन संबंधी किसी भी प्रकार की विसंगति अथवा अनावश्यक परेशानी की स्थिति निर्मित न हो।
संयुक्त टीमों द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण से प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक सुधार एवं निराकरण की कार्यवाही की जाएगी। इससे धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ पात्र किसानों को उनकी वास्तविक कृषि भूमि एवं फसल के अनुरूप लाभ दिलाने में मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य डूबान प्रभावित क्षेत्रों के किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करना, पात्र कृषकों का पंजीयन सुनिश्चित करना तथा आगामी धान खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं सुगम बनाना है।

