धनतेरस एवं दीपावली के पावन पर्व पर पूर्व विधायक लेखराम साहू ने क्षेत्रवासियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

कहा सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और खुशहाली लेकर आए धनतेरस का यह पावन पर्व
कुरूद के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस नई दिल्ली लेखराम साहू ने दीपावली पर्व सुख-समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली का प्रतीक, भगवान धन्वंतरी एवं माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है धनतेरस के पावन अवसर पर कुरूद विधानसभा क्षेत्र सहित समस्त क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की कि धनतेरस का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और खुशहाली लेकर आए। साथ ही प्रत्येक परिवार में धन-धान्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
श्री साहू ने धनतेरस के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धनतेरस का पर्व दीपावली उत्सव का प्रथम प्रमुख दिन माना जाता है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। इसी मान्यता के कारण इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की जाती है।
धनतेरस मनाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और आरोग्य का वास होता है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन एवं अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करना भी शुभ माना जाता है।
लेख राम साहू ने कहा कि धनतेरस केवल धन और संपत्ति की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें अच्छे स्वास्थ्य, परिश्रम, ईमानदारी, परिवार की खुशहाली और समाज में आपसी प्रेम एवं भाईचारे का संदेश भी देता है। भारतीय संस्कृति में त्योहार हमारी परंपराओं, सामाजिक एकता और पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से अपील की कि दीपावली के इस पावन उत्सव को आपसी प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और हर्षोल्लास के साथ मनाएं। जरूरतमंदों की सहायता करें तथा अपने आसपास खुशियां बांटें।