जिले में चना उपार्जन कार्य अंतिम चरण में, प्रदेश की 40 प्रतिशत से अधिक खरीदी धमतरी से
कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप से दलहन-तिलहन उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

धमतरी- रबी विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य पर चना उपार्जन का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। जिला प्रशासन एवं विपणन संघ के समन्वित प्रयासों से खरीदे गए लगभग समस्त चने का सुरक्षित भंडारण वेयरहाउसों में कराया जा चुका है तथा किसानों को भुगतान की प्रक्रिया भी लगभग पूर्ण हो चुकी है। वर्तमान में केवल 104 मीट्रिक टन चना का परिवहन कार्य शेष है, जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
जिले में इस वर्ष कुल 9 हजार 103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 मीट्रिक टन चना समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। इनमें से 1 लाख 16 हजार 58 मीट्रिक टन चना का परिवहन पूर्ण हो चुका है। खरीदी के एवज में 8 हजार 517 किसानों को 63.38 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। तरसींवा, लोहरसी, कुरूद, भखारा, कातलबोड़, छाती, संबलपुर, मगरलोड, नगरी, बोरसी एवं सलोनी उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से यह कार्य सफलतापूर्वक संपादित किया गया।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में हुई कुल चना खरीदी का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले धमतरी जिले से प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि जिले के किसानों की सक्रिय भागीदारी, दलहन उत्पादन के प्रति बढ़ती रुचि तथा कृषि एवं सहकारिता विभाग के प्रभावी मार्गदर्शन का परिणाम है। चना उत्पादन एवं उपार्जन के क्षेत्र में धमतरी ने राज्य स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
इसी बीच राज्य मंत्रिपरिषद् की आयोजित बैठक में खरीफ वर्ष 2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी प्रदान की गई है। योजना का उद्देश्य फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना, किसानों की आय में वृद्धि करना तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है। इसके अंतर्गत धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों तथा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती करने वाले पात्र किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर पात्र किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रदेश में दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबे में वृद्धि, कृषि उत्पादन में विविधता, किसानों की आय में बढ़ोतरी तथा जल संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर चना उपार्जन कार्य को पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपादित किया गया है। किसानों से खरीदे गए चने का सुरक्षित भंडारण तथा भुगतान की प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है। प्रदेश की कुल चना खरीदी में धमतरी जिले का 40 प्रतिशत से अधिक योगदान जिले के किसानों की मेहनत, कृषि विभाग के मार्गदर्शन और प्रशासनिक समन्वय का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दिए जाने से फसल विविधीकरण को नई गति मिलेगी। दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास जैसी फसलों को प्रोत्साहन मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा टिकाऊ कृषि व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। कलेक्टर श्री मिश्रा ने किसानों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेते हुए उन्नत एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाएं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ हो सके।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि धमतरी जैसे जिलों में चना सहित दलहनी फसलों की बढ़ती खेती और शासन की प्रोत्साहनकारी योजनाएं किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ कृषि मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी। इससे कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।