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मन को सेवा सिमरन दान में लगाकर मनुष्य जन्म को हमे सफल बनाना चाहिए – संत भोलाराम

धमतरी। सत्य सनातन धर्म के प्रचारक आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के चालीसा महोत्सव के 21 वें दिन के चालीसा पाठ एवं सत्संग का आयोजन श्री प्रेम प्रकाश आश्रम पर दादा बालचन्द रोहरा के परिवार द्वारा किया गया जिसमें कानपुर यूपी के आश्रम के संत भोलाराम ने पधार कर आचार्य जी की महिमा का गुणगान करके बताया कि तन को स्वस्थ रखने हेतु प्रतिदिन तन की सफाई करना जितना जरूरी है उतना ही मन की भी सफाई जरूरी है इसके लिए प्रतिदिन सत्संग एवं प्रभु नाम का संकीर्तन एवं जाप भी जरूरी है।

श्री प्रेम प्रकाश मण्डल के वर्तमान पीठाधीश्वर सद्गुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज के द्वारा रचित भजन के माध्यम से समझाया कि यदि किसी व्यक्ति को कोई भारी रोग लगा हुआ है तो वह बीमार व्यक्ति यदि डाक्टर की सलाह से दवाई का सेवन बताई गई विधि से नहीं करेगा एवं उनके द्वारा निर्देशित परहेज नहीं करेगा तो बीमार व्यक्ति कभी स्वस्थ नहीं हो सकेगा,कोई भी वैद्य कैसे उसके मर्ज को दूर कर सकता है? उसी प्रकार से यदि गुरु के बताए हुए नाम का उनकी बताई विधि से जाप नहीं करेंगे एवं उनके बताए गए नियमों को शिक्षाओं को धारण कर उन शिक्षाओं को जीवन में नहीं अपनाएंगे तो गुरू भी हमें कैसे पार लगायेंगे? हमें अपने गुरु के बताए मार्ग को अपनाकर उनकी बताई गई विधि के अनुसार अपने मन को सेवा सिमरन दान इत्यादि में लगाकर मनुष्य जन्म को सफल बनाना चाहिए।

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