समाज के उत्थान हेतु रामबाण है सहकारिता: डॉ दीक्षित


धमतरी। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत जिले में कार्यरत 11 कोऑपरेटिव बैंक के धमतरी शाखा के अंतर्गत 10 पैक्स समितियो के कृषकों व सहकारी सदस्यों हेतु प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित कुकरेल के कार्यालय परिसर में सहकार से समृद्धि के साथ ही सहकारिता के महत्व व सिद्धांत विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन जिला सहकारी संघ धमतरी के तत्वाधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पैक्स कुकरेल के प्राधिकृत अधिकारी हेमलाल ध्रुव, ग्राम पंचायत माकरदोना के सरपंच सहदेव राम ध्रुव, डॉक्टर ए एन दीक्षित पूर्व प्राचार्य शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी, सी पी साहू प्राधिकृत अधिकारी जिला सहकारी संघ धमतरी द्वारा दीप प्रज्वलन व भारत माता के चित्र पर पूजन अर्चन पश्चात अतिथियों के स्वागत उपरांत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ दीक्षित ने कहा 18 वीं सदी में यूरोप में औद्योगिक क्रांति के बाद कल कारखानों के विकास ने पूंजीवादी शोषण को असहनीय सीमा तक बढ़ाया। अधिकाधिक लाभ कमाने के लिए न्यूनतम निर्वाह मजदूरी देकर 16 से 18 घंटे श्रमिकों से कार्य लिया जाने लगा। उनके आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन की कोई बात नहीं की जाती थी। इस शोषण से श्रमिकों की दशा सोचनीय बना दी, तब राबर्ट ओवेन ने इन शोषित वर्ग की दशा सुधारने हेतु सहकारिता को एक व्यावसायिक संगठन के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया।ओवन के विचारों से प्रेरित होकर 1844 में इंग्लैंड के शैकडेल नामक स्थान में सर्वप्रथम 28 जुलाहो ने मिलकर अपना एक सहकारी उपभोक्ता पेजर स्थापित किया, जिसके द्वारा वे अपने सदस्यों को उनके उपयोग की वस्तुएं उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने लगे। यही 28 जुलाहे आज भी आधुनिक सहकारिता के अग्रदूत कहे जाते हैं। लगभग इसी काल में जर्मनी में शुल्जे और डेविस ने शहरी सहकारी साख समिति तथा रेफेंसन ने ग्रामीण सहकारी साख समिति का मॉडल विकसित किया, जो आगे चलकर सहकारी साख आंदोलन की नींव का पत्थर बना.सहकारिता व्यवसायिक संगठन का वह रूप है जिसमें समान हित रखने वाले लोग स्वेच्छा से एकत्रित होकर पारस्परिक सहयोग से एक सबके लिए और सब एक के लिए की भावना से कार्य करते हैं।व्यवसायिक संगठन होने के बावजूद सहकारी संस्थाएं केवल आर्थिक लाभ के लिए ही कार्य नहीं करती है वरन सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए भी कार्य करती हैं। इस हेतु सदस्यों की निष्ठा, लगन, समर्पण, कड़ी मेहनत सहकारी आंदोलन की सफलता के लिए अपरिहार्य है। कार्यक्रम में पैक्स कुकरेल के प्रबंधक थानेश्वर देवांगन, पैक्स सलोनी के प्रबंधक शिवकुमार यादव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी व सहकारिता क्षेत्र से जुड़े सदस्य व कृषक गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मंचासीन अतिथियों को श्रीफल से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन संघ प्रबंधक ए पी गुप्ता तथा आभार प्रदर्शन पैक्स कुकरेल प्रबंधक थानेश्वर देवांगन ने किया।

