पैक्स सहकारी समितियो के सदस्यों का एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन
सहकार से समृद्धि: एक नया सवेरा

धमतरी-जिला सहकारी संघ धमतरी द्वारा को जिले के 11 कोऑपरेटिव बैंक में से एक शाखा – संबलपुर के अंतर्गत आठ पैक्स सहकारी समितियो के सदस्यों का एकदिवसीय संगोष्ठी भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट सहकार से समृद्धि विषय पर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित डाही के कार्यलय परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पैक्स डाही के प्राधिकृत अधिकारी साकेत कुमार साहू, ग्राम पंचायत डाही के सरपंच श्रीमती सुमन देवांगन, कोऑपरेटिव बैंक शाखा संबलपुर के पर्यवेक्षक बी एल साहू, कृषि विस्तार अधिकारी डाही चित्र सेन साहू, जिला सहकारी संघ धमतरी के प्राधिकृत अधिकारी सी पी साहू, प्रशिक्षक डॉक्टर ए एन दीक्षित, इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर्स कोऑपरेटिव लिमिटेड धमतरी के षडबदन सिन्हा, ढालेश देवांगन की गरिमामयी उपस्थिति में भारत माता के चित्र पर पूजन व दीप प्रज्वलन कर किया गया।
प्रशिक्षक डॉक्टर दीक्षित ने सहकार से समृद्धि पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि कृषि हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी है और सहकारिता कृषि को गतिशील रखने का इंजन है। कृषि क्षेत्र में साख की महती आवश्यकता की पूर्ति में सहकारी समितियो के योगदान को भूलाया नहीं जा सकता। इन समितियो के माध्यम से ही आज कृषकों को अल्पकालीन ऋण बिना ब्याज के प्राप्त हो रहा है, जिसने ग्रामीण लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव किया है। सहकारिता के महत्व को पहचान कर ही स्वतंत्रता के बाद सहकारिता के विकास के लिए प्रयत्न किए गए, विकास हुआ भी परंतु उस विकास को संतोषजनक नहीं पाया गया। देश के सभी राज्यों में सहकारिता का विकास एक समान नहीं हुआ। प्रमुख 20 राज्यों में प्रति जिला समितियो की औसत संख्या 1156 है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तेलंगना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, केरल इस राष्ट्रीय औसत से आगे है, जबकि हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत से पीछे हैं। छत्तीसगढ़ में यह औसत प्रति जिला मात्र 421 है। देश में सहकारिता के विकास में इस क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने, सहकारी आंदोलन को मजबूत करने और उसे देश के आर्थिक विकास का एक प्रमुख उपकरण बनाने के उद्देश्य से 6 जुलाई 2021 को पहली बार केंद्र सरकार में एक पृथक सहकारिता मंत्रालय बनाया गया। जिसने अपनी स्थापना के साथ ही सहकारी समितियो को अधिक जीवन्त एवं प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए 54 से अधिक नए उपाय या सुधार इस क्षेत्र में किए हैं। देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए इन सुधारो को सहकार से समृद्धि का नाम दिया गया है। सहकारी समितियो के आदर्श उपविधि में सुधार करना, 2 लाख से अधिक नई समितियां गठित कर प्रत्येक गांव को सहकारिता के छाते के नीचे लाने, पैक्स का डिजिटलीकरण, पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर बनाना, पैक्स को एलपीजी वितरण केंद्र, पेट्रोल पंप के संचालन, जन औषधि केंद्र का संचालन, नल जल जीवन योजना का संधारण, अनाज भंडारण की विशाल योजना, बहु राज्यीय सहकारी समितियो के नियमों में सुधार, नई बहुराज्यीय समितियो की स्थापना इस दिशा में किए गए महत्वपूर्ण सुधार कहे जा सकते हैं।कार्यक्रम को मंचस्थ अतिथियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पैक्स संबलपुर के प्रबंधक जागेश्वर ध्रुव, पैक्स प्रबंधक डाही गजाधर पटेल सहित समिति के कर्मचारी गण, क्षेत्र के कृषक व सहकारी क्षेत्र से जुड़े सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संघ प्रबंधक ए पी गुप्ता तथा आभार प्रदर्शन बी आर साहू लेखपाल पैक्स डाही ने किया।