भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक संबल: भखारा तहसील में हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के तहत 5 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ, खातों में सीधे ₹10,000 अंतरित

भखारा ‼️
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा अंत्योदय के संकल्प को साकार करते हुए ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में 25 मार्च को सुबह 11:00 बजे तहसील सभा कक्ष में वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के तहत प्रत्येक हितग्राही के बैंक खाते में ₹10,000 की राशि सीधे अंतरित की गई तथा प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस योजना से पूरे छत्तीसगढ़ के 4.95 लाख से अधिक परिवारों सहित 22 हजार से अधिक बैगा-गुनिया परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
भखारा क्षेत्र में तहसील कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रशासन द्वारा लगभग 30 भूमिहीन महिला-पुरुष हितग्राहियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि हरख जैन, तहसीलदार भूपेश चंद्राकर, नायब तहसीलदार विनोद बंजारे, पार्षद सभापति अंजू दीनानाथ साहू, कुशराज सोन, शेखर सिन्हा सहित बड़ी संख्या में हितग्राही, कृषक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विधायक प्रतिनिधि हरख जैन ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा संचालित ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ प्रदेश के गरीब एवं भूमिहीन परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के खातों में राशि अंतरित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। श्री जैन ने उपस्थित हितग्राहियों से आग्रह किया कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएं।
भूपेश चंद्राकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश सरकार गरीब, मजदूर और किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ ऐसे परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिनके पास स्वयं की भूमि नहीं है। उन्होंने कहा कि यह योजना समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के उद्देश्य को साकार कर रही है और इससे हितग्राहियों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने शासन की इस जनकल्याणकारी योजना की विस्तृत जानकारी दी और इसे आर्थिक सुरक्षा एवं समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। यह पहल न केवल जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक मजबूती दे रही है, बल्कि समाज में सम्मान और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रही है।

