महापौर रामू रोहरा ने प्रस्तुत किया 52 लाख 30 हजार लाभ का बजट, शुरु से लेकर अंत तक हंगामेदार रही सामान्य सभा की बैठक
पक्ष - विपक्ष के पार्षद भिड़े, सदन में आई धक्का-मुक्के की नौबत
घंटे भर में पूछे जाने थे 39 प्रश्न, विरोध व हंगामे के बीच पूछे जा सके सिर्फ 4 प्रश्न


धमतरी। आज नगर निगम के सभाकक्ष में राष्ट्रगान व राज्य गीत के साथ सामान्य सभा की बैठक की शुरुआत हुई। 11 बजे से 12 बजे तक प्रश्नोत्तरी का समय निर्धारित था। एक घंटे में पार्षदो के कुल 39 प्रश्न पूछे जाने थे, लेकिन घंटे भर में विरोध व हंगामे बीच मात्र 4 प्रश्न ही पूछे जा सकें। महापौर रामू रोहरा ने 52 लाख 30 हजार लाभ का बजट प्रस्तुत किया।
ज्ञात हो कि निर्धारित समय पर महापौर रामू रोहरा पार्षदों के साथ बजट को ब्रीफकेस में लेकर अपने कक्ष से सदन तक पहुंचे इस दौरान भाजपाईयों पार्षद हमने बनाया है हम ही संवारेगें का नारा लगाते रहे। इसके पश्चात कांग्रेसी पार्षद हाथो में बैनर लिये नाराबाजी करते हुए सदन में पहुंचे। कांग्रेसियों ने बैनर पोस्टर के माध्यम से रामू के सुशासन तिहार में गरीबों का तोडऩे, प्लेसमेंट कर्मियों को जबरदस्ती काम से निकालने, बढ़े संपत्तिकर आदि मुद्दे पर विरोध जताते हुए सदन प्रवेश किया। जैसे ही सदन में दोनो पक्ष पहुंचे दोनो पक्ष के पार्षद आपस में ही भिड़ गए। स्थिति धक्कामुक्के की आ गई। विशेषकर सत्ता पक्ष के पार्षद विजय मोटवानी, नम्रता पवार व विपक्ष के दीपक सोनकर व विशु देवांगन के बीच बहस होने लगी और स्थिति धक्का मुक्के तक आ गई। उनके साथ दोनो पक्षो के पार्षद भी बहस में शामिल हो गए। इसके पश्चात राष्ट्रीय व राज्य गीत 11.21 बजे हुआ। आज बैठक की शुरुआत से ही विपक्षी पार्षदो ने विभिन्न मुद्दो को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। सदन में प्रश्नोत्तरी व बजट प्रस्तुत करने के दौरान भी कई बार दोनो पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक व विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई बार तो पक्ष विपक्ष सदन की आसंदी के सामने आकर एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। कई बार तो पार्षद निजी टिप्पणी करने से भी बाज नहीं आए। जिससे सदन की गरिमा धूमिल हुई। विपक्षी पार्षद आसंदी के सामने जमीन पर बैठकर जमकर नारेबाजी करते रहे। इसके पश्चात विपक्षी पार्षदों ने अपने साथ लाए स्लोगन लिखे बैनर, पोस्टर हवा में लहराते रहे। सामान्य सभा की बैठक के दौरान महापौर रामू रोहरा, निगम अध्यक्ष कौशिल्या देवांगन, आयुक्त प्रिया गोयल, उपायुक्त पीसी सार्वा, नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन, निगम सभापति व पार्षद विजय मोटवानी, निलेश लुनिया, हिमानी साहू, अखिलेश सोनकर, श्यामलाल नेताम, पिंटु यादव, कुलेश सोनी, संजय देवांगन, राकेश चंदवानी, संतोष सोनकर, कोमल सार्वा, मेघराज ठाकुर, तल्लीनपुरी गोस्वामी, कुशल लोढ़ा, अज्जु देशलहरे, विभा चन्द्राकर, सुमन मेश्रा, सतीश पवार, योगेश लाल, उमा बाई ध्रुव, विशु देवांगन, चन्द्रभागा साहू, छोटू वर्मा, पूर्णिमा गजानंद रजक, ईश्वर सोनकर, सुरज गहरवाल, हेमंत बंजारे, प्रकाश सिन्हा, विधायक प्रतिनिधि आकाश गोलछा सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
बजट में सड़क, गोलबाजार, गोकुलनगर, ड्रेनेज सिस्टम, नालंदा परिसर, तालाबो का विकास, ट्रांसपोर्ट नगर, औद्योगिक क्षेत्र जैसे विकास कार्यो को किया गया शामिल
महापौर रामू रोहरा ने बजट वर्ष 2025-26 प्रस्तुत किया। जिसमें कुल अनुमानित आवक 563 करोड़ 74 लाख 22 हजार बताया गया है। और अनुमानित व्यय 563 करोड़ 21 लाख 93 हजार बताया गया है। इस प्रकार कुल 52 लाख 30 हजार लाभ का बजट प्रस्तुत किया गया है। बजट में शहर विकास के कई कार्यो के लिए करोड़ो की राशि का प्रावधान किया गया है जिसमें सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापना कार्य हेतु 30 करोड़ 31 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत् नालियों के गंदे पानी को साफ करने हेतु ग्राम मुजगहन में 19.60 एम.एल.डी. क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापना का कार्य किया गया है। जलावर्धन योजना हेतु राशि 34 करोड 27 लाख 62 हजार रूपये का प्रावधान किया गया है। उक्त योजना का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। योजना के तहत् निगम क्षेत्र में 84 किलो मीटर पाईप लाईन विस्तार कार्य कराया जाना प्रावधानित है. जिसमें से लगभग 59 किलो मीटर पाईप लाईन विस्तार कार्य कराया जा चुका है। शेष कार्य को अतिशीद्य पूर्ण करायेगे। इसी प्रकार महिमासागर वार्ड में पुराने फिल्टर प्लांट के पास 9 एम.एल.डी. क्षमता का जल शुद्धिकरण संयंत्र निर्माण का कार्य 70 प्रतिशत पूर्ण है। सी.सी. रोड एवं नाली व अन्य निर्माण कार्य हेतु राशि 25 करोड, महापौर, पार्षद, एल्डरमेन निधि अनुदान प्राप्त से विभिन्न विकास कार्य हेतु 4 करोड 59 लाख, हाईटेक बस स्टैण्ड निर्माण कार्य हेतु 8 करोड़, सिटी मॉल का निर्माण कार्य हेतु 31 करोड, ट्रांसपर्पोट नगर निर्माण कार्य हेतु 29 करोड, औधौगिक क्षेत्र का विकास कार्य हेतु 15 करोड, ड्रेनेज सिस्टम निर्माण कार्य के लिए 15 करोड़, सिहावा चौक से कोलियारी नहर नाका रत्नाबांधा चौक से कॉलेज मोड़ तक, अम्बेडकर वार्ड से गंगरेल तक तथा शहर क्षेत्र के अन्य सड़कों का डामरीकरण एवं नाली स्लेब निर्माण कार्य के लिये 45 करोड़, विभिन्न तालाबो का विकास एवं सौंदर्याकरण कार्य हेतु 4 करोड़, विभिन्न मुक्तिधामो का पुनर्विकास कार्य हेतु 1 करोड 50 लाख, गोकुल नगर विकास कार्य हेतु 6 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना ए.एच.पी. एवं ई.डब्लयू, एस. आवास गृह के लिये 52 करोड़, नालंदा परिसर निर्माण कार्य हेतु 5 करोड़, गोल बाजार का पुनर्निर्माण, बहु मंजिला काम्प्लेक्स निर्माण विकास कार्य हेतु 26 करोड़ 50 लाख, सर्वजन मांगलिक परिसर भवन योजना हेतु 4 करोड़, राज्य प्रवर्तित योजनान्तर्गत नये एवं पुराने उद्यानो का विकास एवं संधारण कार्य हेतु 3 करोड़ 15वें वित्त योजना अन्तर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिये 13 करोड़, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं शहर के विभिन्न चौक-चौराहों का विकास एवं सौंदयीकरण कार्य हेतु 5 करोड़, सिटी बस सेवा पुन: संचालित करने हेतु 5 करोड़ 50 लाख, पेयजल व्यवस्था विभिन्न सामग्री एवं पाईप लाईन विस्तार आदि कार्य हेतु 8 करोड़, नये रैन बसेरा निर्माण एवं पुराने रैन बसेरा संधारण कार्य हेतु 2 करोड़, हरफतराई रोड से एन.एच. तक नवीन रोड निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ , नाचन क्षेत्र का विकास कार्य हेतु 5 करोड़ , निगम क्षेत्र अन्तर्गत जोन कार्यालय भवन निर्माण, नये कार्यालय भवन निर्माण कार्य हेतु 10 करोड़, स्व वित्त/पी.पी. मॉडल योजना से दुकान निर्माण कार्य हेतु 10 करोड़, निर्माणधीन आडिटोरियम में आंतरिक एवं बाह्य विकास कार्य हेतु 7 करोड़, इंडोर स्टेडियम मे मल्टीपरपस हॉल, स्पॉटस फील्ड विकास कार्य एवं अन्य कार्य हेतु 13 करोड़ 50 लाख, चौपाटी निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़, राज्य प्रवर्तित मुख्यमंत्री पालिका बाजार योजनांतर्गत दुकानो के निर्माण कार्य हेतु अनुमानित लागत 5 करोड़, खेल मैदानों का विकास कार्य हेतु अनुमानित लागत 2 करोड़, सार्वजनिक प्रसाधन योजना अंतर्गत सामुदायिक शोचालय एवं आंकाक्षीय शौचालय का निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 22 लाख, विधायक, सांसद निधि से स्वीकृत विभिन्न कार्यों हेतु 30 लाख, सियान सदन निर्माण कार्य हेतु 5 करोड़, गंदी बस्ती क्षेत्रों का उन्नयन एवं विकास कार्य हेतु 3 करोड 50 लाख, विभिन्न योजनाओं के कार्यों के लंबित देयकों का भुगतान हेतु 8 करोड़ 50 लाख, नाचन क्षेत्र का विकास कार्य हेतु 5 करोड़, महिलाओं के लिये पिंक टायलेट निर्माण कार्य के लिये 50 लाख, आटो स्टैण्ड एवं ई रिक्शा चालको के लिए चार्जिंग स्टेशन हेतु 1 करोड़ 10 लाख, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थय योजना तहत जिला अन्तर्गत संचालित 4 बसों के लिये स्वास्थ्य सेवा हेतु 4 करोड 60 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है।
इन प्रश्नों का सदन में दिया गया जवाब
प्रश्नोत्तरी का क्रम शुरु हुआ। लॉटरी के माध्यम से निकाले गए प्रश्न के साथ प्रश्नोत्तरी शुरु हुई। पहला प्रश्न पार्षद प्रकाश सिन्हा ने जल विभाग द्वारा गर्मी के मौसम एवं सभी समाजिक कार्य व शहर में जल अपूर्ति के लिए क्या उचित व्यवस्था किया गया जिससे हम शहर वासियों को समय पर शुद्ध पेयजल व्यवस्था कर पाये की जानकारी मांगी। जवाब में जल विभाग सभापति अखिलेश सोनकर ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 160 मोटर पंप, 81 हैण्ड पंप व टैंकर के माध्यम से शहर में नियमित पानी सप्लाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त नये वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की शुरुआत होने वाली है। फिर पार्षद प्रकाश सिन्हा ने पूछा की मोटर पंप के माध्यम से पानी सीधे घर में पहुंचती है इसकी शुद्धता की जांच कैसे होगी। साथ ही उन्होने मात्र 4 टैंकर से सप्लाई की बात कहते हुए 10 और टैंकर की व्यवस्था करने की मांग की। दूसरा प्रश्न नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने पूछा कि महिमा सागर वार्ड स्थित जैविक खाद्य संयंत्र के, कचरा निष्पादन करने के लिए आयुषी कंपनी को नगर निगम द्वारा कार्यदेश दिया गया था उक्त कंपनी के द्वारा कार्य पूर्ण कर लिया गया है क्या? जिस पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य विभाग सभापति निलेश लुनिया ने जवाब देना शुरु किया और विरोध शुरु हो गया। फिर श्री लुनिया ने बताया कि उक्त टेंडर कांग्रेस शासन काल में हुआ था। जिस कंपनी को टेंडर दिया गया था उसके द्वारा निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं किया गया। जिसके पश्चात कंपनी के ट्रैक्टर व मुंडी जप्त किया गया है। दूसरे बार टेंडर के पश्चात कंपनी द्वारा अपना कार्य किया गया है। जिस पर आपत्ति करते हुए दीपक सोनकर ने जांच समिति बनाने की मांग की। इस दौरान भी आरोप प्रत्यारोप लगते रहे। तीसरा प्रश्न पार्षद उमाबाई ध्रुव ने धमतरी नगर निगम अंतर्गत कितने तालाब है कितने तालाबों का सौंदर्गीकरण के लिए शासन से राशि स्वीकृत हुआ है व कितने तालाबों के सौंदर्याकरण नही हुआ है पूछा। चौथा प्रश्न रामेश्वर छोटू वर्मा ने पूछा कि औद्योगिक वार्ड पर लगानी भूमि में रहने वाले गरीब परिवारो के लिए अभी तक एक भी बी.एल.सी. मकान क्यो नहीं बन पाया जो कि रेल्वे अधिग्रहण नहीं किया जाना है। इन गरीब परिवारो को आवास से वंचित क्यों रखा गया है? जिसके जवाब देने के दौरान विपक्ष असंतुष्ट नजर आई।
-: झलकिया:-
:- कई बार तनातनी की नौबत आई पार्षद विजय मोटवानी, नरेन्द्र रोहरा, निलेश लुनिया, नम्रता पवार, दीपक सोनकर, विशु देवांगन, योगेश लाल काफी आक्रमक रहे।
:- सत्ता पक्ष से पार्षद निलेश लुनिया, अखिलेश सोनकर, नरेन्द्र रोहरा ने विपक्ष के आरोपो पर पलटवार किया।
:- निगम में प्रवेश करते ही पक्ष-विपक्ष के पार्षद भिड़ गए, महापौर को अपने पार्षदों को शांत कराने बीच बचाव करना पड़ा।
:- जवाब के बीच जल सभापति अखिलेश सोनकर कविता पढऩे लगे जिसका विपक्ष ने विरोध किया।
:- स्वास्थ्य सभापति निलेश लुनिया के प्रश्न पूछने पर अपने पिछले कार्यकाल का भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए धन्यवाद दिया।
:- महापौर ने लगभग आधा घंटे तक बजट भाषण पढ़ा।
:- निगम अध्यक्ष कौशिल्या देवांगन ने बेहतर तरीके से सदन का संचालन किया।
:- सदन में सिर्फ 8 कांग्रेसी पार्षद ने है जिन्होंने मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाई।

