Uncategorized

अब गांव से बाहर नहीं, बल्कि बसाहट के पास बनेंगे आंगनबाड़ी भवन

कलेक्टर ने नये भवनों के लिए स्थान चिन्हांकित करने के दिए निर्देश

धमतरी 30 अप्रैल 2025/ धमतरी जिले में अब नये बनने वाले आंगनबाड़ी भवनों को गांव या बसाहट से दूर नहीं, बल्कि बसाहट के पास रिहायशी इलाकों में बनाया जाएगा। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने नये बनने वाले 31 भवनों के लिए गांव में बसाहट के बीच-पास भूमि चयन कर तत्काल पंचायत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी भवनो के गांव से बाहर अंतिम छोर पर बन जाने से छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी तक आने में खासी परेशानी होती है। बच्चों के पालक भी दूर आंगनबाड़ी भवन तक बच्चों के पहुंचाने में कोताही बरतते हैं, जिससे आंगनबाड़ियों में बच्चों की उपस्थिति प्रभावित होती है और बच्चों के शारीरिक, मानसिक विकास पर भी प्रभाव पड़ता है। कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी भवन के गांव के बाहर बसाहट से दूर होने से आंगनबाड़ियों के संचालन का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता। उन्होंने इसीलिए नए बनने वाले सभी भवनों को गांव के बीच बसाहटों के पास ही बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने नए बनने वाले आंगनबाड़ी भवनों के लिए महिला एवं बाल विकास, पटवारी, ग्राम सचिव और सरपंच के दल बनाकर उपयुक्त भूमि का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी भवन तक पहुंच मार्ग की उपलब्धता वाले स्थानों को प्राथमिकता दी जाए। कलेक्टर ने नए स्वीकृत 31 आंगनबाड़ी भवनों को बनाने के लिए भूमि का चिन्हांकन कर नक्शा-खसरा, जीयो टैग और पंचायत प्रस्ताव तैयार कर अगले सात दिनों में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। श्री मिश्रा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खाली पदों पर भर्ती के लिए भी तेजी से प्रक्रिया करने को कहा। उन्होंने नगरी-सिहावा- मगरलोड क्षेत्र में आंगनबाड़ी जाने योग्य दस से अधिक बच्चों की उपलब्धता और वर्तमान आंगनबाड़ी केन्द्रों की दूरी दो किलोमीटर से अधिक होने वाले सभी केन्द्रों का चिन्हांकन कर धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत नए आंगनबाड़ी स्थापित करने के प्रस्ताव बनाने को भी कहा।
उल्लेखनीय है कि जिले में वर्तमान में एक हजार 106 आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें तीन से छः वर्ष के आयु के 22 हजार से अधिक छोटे बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। इन आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले छोटे बच्चों को प्रारंभिक ज्ञान, पोषण सहित शारीरिक और मानसिक विकास से संबंधित गतिविधियां आदि कराई जा रहीं हैं। खेल-खेल में प्रारंभिक ज्ञान दिया जा रहा है। जिले में मनरेगा अभिसरण के तहत 112 आंगनबाड़ी भवन बनाने की स्वीकृति शासन स्तर से प्रदाय की गई है। इसमें से 81 आंगनबाड़ी भवनों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति भी जारी कर दी गई है। इन 81 भवनों में से 11 आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार हैं, जबकि 69 भवनों का काम तेजी से किया जा रहा है। स्वीकृत भवनों में से एक आंगनबाड़ी भवन का काम शुरू नहीं हो पाया है। वर्तमान में 31 नये भवनों के लिए भी प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!