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जिला आयुष पॉलिक्लिनिक में बच्चों का कराया गया स्वर्णप्राशन, 400 बच्चों को पिलाया गया स्वर्ण प्राशन ड्रॉप

स्वर्णप्राशन कार्यक्रम छोटे बच्चों के लिए साबित हो रहा है वरदान-चेतन हिंदुजा

जिला आयुष पॉलिक्लिनिक में बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया जिसमें जिला धमतरी के सामाजिक कार्यकर्ता चेतन हिंदूजा एवं देवेश अग्रवाल, प्र. जिला आयुष अधिकारी डॉ. अवध पचौरी की उपस्थिति में 400 बच्चों को स्वर्ण प्राशन ड्रॉप पिलाया गया। चेतन हिंदूजा ने कहा कि स्वर्णप्राशन कार्यक्रम छोटे बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है, स्वर्णप्राशन से बच्चों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिल रहा है बच्चों के वजन में वृद्धि, कुपोषण में कमी, रोग प्रतिरोधक क्षमता में विकास स्मरण शक्ति का बढ़ना, पाचन तंत्र में सुधार, एलर्जी से बचने वाले लाभ ऐसे सभी लक्षण बच्चों में देखने को मिल रहे हैं। प्रति माह 27 दिन में आने वाले पुष्य नक्षत्र में 0 से 16 साल की उम्र के बच्चों को शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक धमतरी जो कि जिला एवं सत्र न्यायालय के पीछे स्थित है। देवेश अग्रवाल ने कहा कि आयुर्वेद से सभी रोगों के ईलाज हेतु एक सर्वोत्तम विधा है,आयुर्वेदिक उपचारों में मालिश, हर्बल उपचार, आहार और पोषण, ध्यान, योग और विषहरण जैसी कई तरह की चिकित्सा शामिल हैं.जड़ी-बूटियों, मसालों, तेलों और खनिजों जैसे प्राकृतिक पदार्थों के उपयोग पर ज़ोर दिया जाता है और आयुर्वेद एक स्वस्थ जीवनशैली को भी प्रोत्साहित करता है जिसमें नियमित व्यायाम, उचित नींद और तनाव प्रबंधन शामिल है। प्र. जिला आयुष अधिकारी डॉ.अवध पचौरी ने आयुष के लाभ एवं स्वास्थ्य के प्रति समग्र दृष्टिकोण के बारे में कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति व्यक्ति के समग्र कल्याण पर ध्यान केंद्रित करती है, तथा स्वास्थ्य के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक पहलुओं को ध्यान में रखती है।वर्षा ऋतु में बच्चों को सामान्य वायरल बुखार उल्टी दस्त सामान्य रूप से होते हैं समय पर ध्यान न देने से गम्भीर होने में देर नहीं लगती, अतः बच्चों को उबला पानी हल्का खाना दें एवं पैकेट बंद वस्तुएं खाने को न दें।
आयुष उपचार प्राकृतिक उपचार और चिकित्सा पर आधारित होते हैं, जिनमें जड़ी-बूटियाँ, मसाले, तेल और अन्य प्राकृतिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। यह उन्हें सुरक्षित और हानिकारक दुष्प्रभावों से मुक्त बनाता है.आयुष उपचार अक्सर दीर्घकालिक रोगों जैसे गठिया, अस्थमा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के उपचार में प्रभावी होते हैं। योग और ध्यान, जो आयुष का हिस्सा हैं, तनाव और चिंता को कम करने, विश्राम को बढ़ावा देने और समग्र मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने में प्रभावी हैं।

*व्यक्तिगत उपचार:*

आयुष उपचार अक्सर व्यक्ति की विशिष्ट आवश्यकताओं और शारीरिक संरचना के अनुसार अनुकूलित किए जाते हैं, जिनमें आयु, लिंग, जीवनशैली और चिकित्सा इतिहास जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है।

*लागत प्रभावी:*

आयुष उपचार अक्सर पारंपरिक चिकित्सा की तुलना में कम महंगे होते हैं, जिससे वे अधिक व्यापक लोगों के लिए सुलभ हो जाते हैं।

*टिकाऊ:*

आयुष प्राकृतिक संसाधनों और टिकाऊ प्रथाओं के उपयोग पर जोर देता है, पर्यावरण जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा देता है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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