एकतरफा कार्यवाही करने पर आक्रोशित हुआ मराठा समाज
लिपिक वर्ग ने भी पूर्ण जांच कर की दोषियों पर कार्यवाही की मांग
शिक्षा विभाग की पुस्तकों को कबाड़ में बेचने का मामला

धमतरी। शिक्षा विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अमन जाचक को पुस्तकों को कबाड़ में बेचने के मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई बर्खास्तगी की कार्यवाही को दुर्भावनापूर्ण और एक पक्षीय कार्यवाही करार देते हुए मराठा समाज ने कलेक्टर से मुलाकात कर बर्खास्तगी को निरस्त करने की मांग की है।मराठा समाज के अध्यक्ष दीपक लोढ़े के साथ पहुंचे समाज के प्रमुख आनंद पवार, ऋतुराज पवार, प्रकाश पवार, राजू पवार, किशोर गायकवाड़, नम्रता पवार, पमेन्द्र गायकवाड़, अशोक कावड़े, मनीष ठोकने, सतीश जाधव,पवन जाधव,नवीन जाचक, सतीश पवार, नरेन्द्र शिंदे, शिवाजी भोसले, रजत शिंदे, सुशील पवार, सुरेन्द्र मगर, सोनू पवार, ममता बाबर, निरूपमा भांडुलकर, मिली चौहान, संगीता मगर, रिंकू जाधव, विजेता रकटाते, सरोज रकटाते, प्रीति कृदत्त, डाली पवार, मोहिनी जाचक, आशालता चौहाल, रश्मि पवार, अमूल जाचक, नूतन जाचक, अनिल सोलंके, कमलेश पवार, प्रकाश पवार आदि ने कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। जिसमें उल्लेख किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अब उन्हें बर्खास्त किया गया है। श्री जाचक के निलंबन,बर्खास्तगी जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत नहीं है। फिर भी द्वेषपूर्ण भाव से जिला शिक्षा अधिकारी ने स्वयं के सेवानिवृत्त के एक दिन पूर्व अपने पद का दुरूपयोग करते हुए बर्खास्तगी की एकतरफा कार्यवाही की है।कहा कि पुस्तक कबाड़ में बेचने का विभागीय कार्यवाही गोपनीय तरीके से की गई। जांच की कार्यवाही बीआरसी कार्यालय धमतरी में की गई, जो संदेहास्पद है।
