संघ शताब्दी वर्ष पर कुकरेल में हुआ पथ संचलन

विश्व के सबसे बड़े संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण हो गए हैं। संघ के स्वयंसेवक व संघ के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता इसे भारत वर्ष सहित पूरे विश्व में संघ शताब्दी वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह संघ शताब्दी वर्ष का आयोजन विभिन्न रूपों में मंडल, खंड व जिला स्तर पर पूरे साल भर चलने वाला हैं। जिसकी शुरुआत 100 वें स्थापना दिवस अर्थात् विजयादशमी के दिन से शुरू हो गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों की गौरवगाथा का साक्षी बनते हुए नगरी खंड के कुकरेल मंडल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गाँवों के स्वयंसेवकों ने भी रविवार को ग्राम कुकरेल में विजयादशमी उत्सव मनाया और इस अवसर पर शस्त्र पूजन कर पूरे गांव में पूर्ण गणवेश के साथ पथ संचलन किया। जिसका गांव के गणमान्य नागरिकों ने, मातृशक्तियो व व्यापारी बंधुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। सनातन संस्कृति में शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है, जो शक्ति, संरक्षण, न्याय और धर्म की रक्षा का प्रतीक है। शस्त्रपूजन की परंपरा हमारी गौरवशाली संस्कृति में वीरता, आत्मरक्षा और साहस को दर्शाती है।
इस कार्यक्रम के अध्यक्ष सेवानिवृत शिक्षक व साहू समाज कुकरेल परिक्षेत्र अध्यक्ष यशवंत कुमार साहू जी रहे। कार्यक्रम में नगरी खंड के खंड संघचालक गोकुल देवांगन जी एवं मुख्य वक्ता मोहन साहू जी प्रांत सह सेवा प्रमुख उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष यशवंत कुमार साहू जी ने अपने विद्यार्थी जीवन में संघ की शाखा में व्यतीत किए अपने अनुभव को साझा करते हुए संघ व संघ विचार परिवार के द्वारा विभिन्न आयामों पर किए जा रहे कार्यों पर संक्षिप्त में अपनी बात रखी। मुख्य वक्ता मोहन साहू ने अपने बौद्धिक में संघ की स्थापना से लेकर इन 100 वर्षों की यात्रा को सारगर्भित रूप से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष केवल एक संगठन का इतिहास नहीं, बल्कि माँ भारती की सेवा, सुरक्षा और संस्कारों की अनवरत साधना का प्रतीक है। उन्होंने उन सभी संघ साधकों को नमन किया जिनके तप, त्याग और समर्पण ने राष्ट्रभक्ति की ज्योति को सदैव प्रज्वलित रखा है। मोहन साहू जी ने संघ के पंच-परिवर्तन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण, स्व का जागरण, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक शिष्टाचार के महत्व, सत्य विमर्श, संस्कृति गौरव, सामाजिक चेतना व नारी सम्मान के विषय पर भी अपने विचार रखे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इस विजयादशमी उत्सव में सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखने के लिए केरेगांव थाना प्रभारी व पुलिस प्रशासन भी मौजूद रही जिन्होंने पथ संचलन की पायलेटिंग किए। अंत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कुकरेल मंडल के कार्यवाह विनय यदु ने इस आयोजन में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी जनों का आभार व्यक्त किया।
