डेड़ माह से लापता शिक्षक का कोई सुराग नहीं, परिजन चिंतित
शिक्षा विभाग ने वेतन रोका, नोटिस जारी

धमतरी। धमतरी जिले के ग्राम बोड़रा स्थित शासकीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षक मनोज देवदास बीते 28 दिसंबर से लापता हैं। लगभग एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो वे विद्यालय पहुंचे हैं और न ही घर लौटे हैं। शिक्षक के अचानक गायब होने से जहां परिवार गहरे तनाव में है, वहीं मामला प्रशासन और शिक्षा विभाग के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनोज देवदास 28 दिसंबर से पहले भी करीब 15 दिनों की स्वीकृत छुट्टी पर थे। छुट्टी समाप्त होने के बाद वे न तो स्कूल पहुंचे और न ही किसी प्रकार की सूचना दी। लगातार अनुपस्थिति के चलते परिजनों ने धमतरी सिटी कोतवाली में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की जानकारी ग्राम सरपंच द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दी गई थी। इसके बाद बीईओ ने विद्यालय का दौरा किया, जहां शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। जांच के आधार पर जिला शिक्षा विभाग ने शिक्षक के निवास पते पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल ने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद यह तथ्य सामने आया कि शिक्षक के परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस स्थिति में नियमानुसार वेतन रोका गया है। शिक्षक की पतासाजी होने के बाद विभागीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल में वैकल्पिक शैक्षणिक व्यवस्था की गई है। प्राथमिक शाला के अतिरिक्त शिक्षकों को लगाया गया है तथा संकुल प्राचार्य द्वारा आसपास के विद्यालयों से शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि तीन माह तक शिक्षक का कोई पता नहीं चलता है और गुमशुदगी की स्थिति बनी रहती है, तो विभागीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सेवा से बर्खास्तगी तक का प्रावधान है। हालांकि, शिक्षक द्वारा मेडिकल अवकाश के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है और नियमानुसार उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।फिलहाल शिक्षक की तलाश जारी है। एक ओर परिवार सुरक्षित वापसी की आस लगाए बैठा है, तो दूसरी ओर यह मामला सरकारी तंत्र में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही जैसे सवाल भी खड़े कर रहा है।
