महाशिवरात्रि पर किले के बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में रचेगा बाबा भोलेनाथ का भव्य विवाह, शिव-भक्ति में डूबेगा पूरा शहर
11 को हल्दी, 12 को मेहंदी, 13 को मंगल गीत,14 को निकलेगी भव्य शिव बारात

धमतरी।किले स्थित श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर एक बार फिर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिव-भक्ति, उल्लास और परंपराओं का साक्षी बनने जा रहा है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट एवं बोलबम कांवरिया संघ मित्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में भगवान भोलेनाथ के विवाह का भव्य और अलौकिक आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर से लेकर पूरे शहर में तैयारियां जोरों पर हैं।
इस पावन आयोजन में शिव जी की बारात, विवाह की समस्त पारंपरिक रस्में, मनमोहक झांकियां और भक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर तिलक उत्सव के साथ बाबा भोलेनाथ के विवाह की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ हो चुका है।हल्दी, मेहंदी और मंगलगीत से सजेगा बाबा का विवाह उत्सव,11 फरवरी को बाबा भोलेनाथ को हल्दी लगाई जाएगी। इस अवसर पर श्रद्धालु स्वयं बाबा को हल्दी अर्पित करेंगे और एक-दूसरे को हल्दी लगाकर विवाह की खुशियां साझा करेंगे।12 फरवरी को मेहंदी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें भगवान भोलेनाथ का श्रृंगार मेहंदी से किया जाएगा। इसके पश्चात वही मेहंदी श्रद्धालुओं के हाथों में भी लगाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो कुंवारे युवक-युवतियां श्रद्धा भाव से बाबा के नाम की मेहंदी लगाते हैं, उनके विवाह शीघ्र संपन्न होते हैं।13 फरवरी को मंगलगीत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें महिलाएं पारंपरिक विवाह गीतों के माध्यम से बाबा भोलेनाथ को रिझाएंगी और मंदिर परिसर पूरी तरह विवाह उत्सव के रंग में रंग जाएगा।14 फरवरी को निकलेगी भव्य शिव बारात,भंडारा-प्रसादी के पश्चात दोपहर 3 बजे मां विंध्यवासिनी मंदिर से भगवान बूढ़ेश्वर महादेव की भव्य बारात निकाली जाएगी। यह बारात शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सदर बाजार, घड़ी चौक, शिवजी चौक, शिव चौक होते हुए किले स्थित श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। शिव बारात में आकर्षक झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा और भक्तों का उत्साह देखते ही बनेगा।भजन संध्या और रुद्राभिषेक से होगा समापन 15 फरवरी को प्रातः भव्य आरती, भोग आरती, संध्या आरती एवं श्रृंगार आरती संपन्न होगी। इसके पश्चात सायंकाल भजन संध्या का आयोजन किया गया है, जिसमें ओके सिन्हा एवं प्रियंशी तिवारी एंड टीम द्वारा भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
रात्रि 12 बजे से रुद्राभिषेक प्रारंभ होगा, जो प्रातः 4 बजे तक चलेगा।आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के विवाहोत्सव में सहभागी बनें और इस दिव्य आयोजन को सफल बनाएं।

