एसआईआर प्रक्रिया चुनावी पारदर्शिता को नया आयाम देगी
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस व भाजपा जिला महामंत्री महेन्द्र पंडित ने शत् प्रतिशत् एसआईआर हेतु जनता से की सहयोग की अपील

धमतरी। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस व भाजपा जिला महामंत्री महेन्द्र पंडित ने कहा कि एसआईआर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को शुद्ध और अद्यतन करने के लिए चलाया जा रहा एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। यह अभियान मृत, स्थानांतरित या एक से अधिक जगहों पर पंजीकृत मतदाताओं के नामों को हटाकर मतदाता सूची को त्रुटि रहित बनाता है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित होती है। डुप्लीकेट नामों को हटाने से फर्जी मतदान की संभावना कम होती है। घर-घर जाकर सत्यापन के माध्यम से, 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या पहले छूट गए पात्र नागरिकों को मतदाता के रूप में नामांकित होने का अवसर मिल रहा है। इस प्रक्रिया से एक अद्यतन और समावेशी मतदाता सूची मतदाताओं, राजनीतिक दलों और आम जनता के बीच चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता में विश्वास बढ़ाएगी। चुनाव आयोग द्वारा इस बार प्रक्रिया को तकनीकी रूप से उन्नत किया गया है, जिसमें फॉर्मों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है ताकि प्रक्रिया तेज और पेपरलेस हो सके। उन्होने आगे कहा कि जो राजनीतिक दल एसआईआर का विरोध कर रहे वे शुद्ध मतदान के खिलाफ है। फर्जी मतदान को बढ़ावा देना चाह रहे है। मतदाताओं को अपने एसआईआर फॉर्म भरने और जमा करने के लिए 4 दिसंबर 2025 तक का समय दिया गया था। जिसे बढ़ाकर 11 दिसम्बर तक किया गया है। सभी मतदाताओं से अपील है कि निर्धारित समयावधि तक अपना एसआईआर फार्म अवश्य जमा करें और मजबूत लोकतंत्र प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होने शत् प्रतिशत् एसआईआर हेतु जनता से की सहयोग की अपील की है।
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस व भाजपा जिला महामंत्री महेन्द्र पंडित ने कहा है कि एसआईआर प्रक्रिया चुनावी पारदर्शिता को नया आयाम देगी और फर्जी वोटों पर आधारित राजनीति को पूरी तरह समाप्त कर देगी। उन्होंने कहा कि अभियान का विरोध वही दल कर रहे हैं, जिनकी ताकत अब तक फर्जी वोटिंग पर टिकी रही है। यह पहल चुनाव प्रक्रिया में शुचिता बढ़ाने के साथ उन लोगों की पहचान भी सुनिश्चित करेगी, जिन्होंने गलत दस्तावेजों या फर्जी पहचान के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज करा रखा है। अब तक कई राजनीतिक दल फर्जी वोटों के सहारे चुनावी फायदे उठाते रहे हैं, लेकिन एसआईआर प्रक्रिया के बाद यह पूरी राजनीति ढह जाएगी। एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची शुद्ध होगी और हर पात्र वोटर को सही पहचान मिलेगी, जबकि अवैध रूप से दर्ज नाम स्वत: हट जाएंगे।
