धान बेचने में असमर्थ होने और कोई समाधान नहीं मिलने के कारण मानसिक रूप से किसान टूट रहे है-घनाराम साहू
छत्तीसगढ़ किसान यूनियन द्वारा की गई तत्काल सोसाइटियों में धान खरीदी लिमिट बढ़ाने, उठाव व समय पर धान खरीदने की मांग

किसान नेता घनाराम साहू ने कहा कि प्रदेश भर में लगभग समर्थन मूल्य में धान खरीदी प्रारंभ एक महीना का समय बीत जाने के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों का टोकन न कटने की प्रक्रिया में देरी एवं ऑनलाइन एग्री स्टेक पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है सबसे दुखद एवं चिंताजनक तथ्य यह है कि कई सोसाइटियों में किसान अपने कीमती धान बेचने में असमर्थ होने और कोई समाधान नहीं मिलने के कारण मानसिक रूप से किसान टूट रहे हैं. किसान का पारिवारिक जीवन यापन इसी खेती किसानी पर निर्भर है किसानो को खाद दवाई मिंजाई कुटाई की सारी राशि धान बेचकर चुकाना पड़ता है किसान कर्ज के बोझ में दबे हुए हैं, कोई भी किसान फसल कटाई कर लेता है तो धान विक्रय करने की जल्दबाजी उनको हमेशा रहता है सरकार समर्थन मूल्य पर धान खरीदतीं है और लिमिट तय करने के कारण धान खरीदी काफी लेट लतीफा हो रहा है जिनके कारण से किसाने की चिंता बढ़ने लगी है ऑनलाइन टोकन गोल-गोल घूमने एवं तकनीकी समस्याओं के कारण किसान परेशान हो चुका है और सोसाइटियों में 700 क्विंटल ऑनलाइन खरीदी एवं 200 क्विंटल ऑफलाइन खरीदी के कारण अभी तक अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं और इसी कारण से किसान चिंतित एवं परेशान है हाल ही में महासमुंद जिले के एक किसान का टोकन ना कटने पर अपने गले को काटकर आत्महत्या जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा जो शासन प्रशासन की गंभीर लापरवाही एवं किसान के प्रति निष्क्रियता दर्शाता है साथ ही सरकार द्वारा सोसाइटियों में अभी तक समर्थन मूल्य में खरीदी गई धान का उठाव का शुरुआत ही नहीं किया गया है जाम की स्थिति कभी भी हो सकता है और सोसाइटियों मे अवयवस्था आ सकता है अतः छत्तीसगढ़ किसान यूनियन मांग करता है की तत्काल सोसाइटियों में धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाए और धान का उठाव भी तत्काल किया जावे ताकि किसान समुचित रूप से समय पर धान विक्रय कर सके।

